धर्मशाला। शिमला में सियासी हलचल के बाद धौलाधार की तलहटी में बसे धर्मशाला में भी राजनीतिक गरमाहट का दौर शुरू हो गया है। वीरवार को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और सुधीर समर्थक अलग-अलग गुटों में एक-दूसरे के खिलाफ सड़क पर उतर आए। सुधीर की सदस्यता रद्द करने के मामले को लेकर धर्मशाला कांग्रेस यह गुटबाजी हावी हो गई है। वर्ष 2012 में धर्मशाला कांग्रेस में गुटबाजी का दौर तब शुरू हुआ जब सुधीर शर्मा बैजनाथ से उठकर धर्मशाला से कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़ने पहुंचे थे, लेकिन वर्ष 2019 में विधानसभा उपचुनाव और लोकसभा चुनाव के बाद यह गुटबाजी खुले तौर पर जगजाहिर हो गई।
क्योंकि सुधीर शर्मा ने तब न तो विस का उपचुनाव लड़ा और न ही लोकसभा चुनाव के लिए हामी भरी। अब राज्यसभा सांसद के चुनाव में क्रॉस वोटिंग और अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने पर फिर से धर्मशाला कांग्रेस में सुधीर को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। कचहरी चौक पर करीब सवा घंटे तक नारेबाजी और हाथापाई के बाद यहां का सियासी माहौल गरमा गया है। कचहरी चौक पर नाटकीय घटनाक्रम को देखने के लिए आसपास के सैकड़ों लोग एकत्रित रहे।
धर्मशाला-कांगड़ा मुख्य सड़क पर आने जाने वाले वाहन चालक भी कचहरी चौक पर इस घटनाक्रम को देखने उमड़ पड़े। इस दौरान वाहन चालकों और राहगीरों को आने-जाने में आंशिक रूप से असुविधा हुई, लेकिन पुलिस ने मौके पर पहुंच कर विवाद को शांत कर दिया, अन्यथा यहां कोई बड़ा घटनाक्रम हो सकता था। माना जा रहा है कि आरोप-प्रत्यारोप का यह दौर आने वाले समय में और बढ़ने वाला है।