धर्मशाला। कांगड़ा निजी बस ऑपरेटर वेलफेयर सोसायटी ने हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की बसों में महिलाओं को 50 फीसदी किराये में मिलने वाली छूट को बंद करने की मांग मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से की है। बुधवार को सोसायटी के प्रतिनिधिमंडल ने प्रधान रवि दत्त शर्मा की अध्यक्षता में क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में उन्होंने बताया कि सरकारी बसों में महिलाओं को 50 फीसदी किराये में छूट से निजी बस चालकों का काम प्रभावित हो रहा है।
रोजाना नौकरी के लिए आने-जाने वाली महिलाएं निजी के बजाय सरकारी बसों में सफर कर रही हैं। इससे निजी बस ऑपरेटरों को नुकसान झेलना पड़ रहा है। इसके अलावा उन्होंने बताया कि जेएनएनयूआएम बसें जो कि क्लस्टर से बाहर नहीं जा सकतीं, उन्हें भी लंबे रूटों पर भेजा जा रहा है। इससे भी निजी बसों के कारोबार पर असर पड़ रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से इन दोनों मांगों को पूरा करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि अक्तूबर, 2023 में निजी बस ऑपरेटरों की बैठक मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में की गई थी। इस दौरान परिवहन मंत्री ने उनकी मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया था, लेकिन आज दिन तक कोई मांग पूरी नहीं हो सकी। इस वजह से निजी बस ऑपरेटरों में सरकार के प्रति रोष है।
मटौर पुल पर बने स्पीड ब्रेकरों को हटाने की मांग
कांगड़ा। निजी बस ऑपरेटर वेलफेयर सोसायटी के प्रतिनिधिमंडल ने डीसी कांगड़ा से मटौर पुल के दोनों तरफ बनाए स्पीड ब्रेकरों को हटाने की मांग की। उन्होंने कहा कि इससे बसों को भी नुकसान हो रहा है और वहां पर दोनों तरफ जाम भी लग रहा है। इसके अलावा उन्होंने डीसी कांगड़ा से 5 अक्तूबर, 2022 को बिलासपुर में प्रधानमंत्री की रैली में सरकारी की ओर से भेजी बसों के किराये को देने की मांग की है। प्रधान रवि दत्त शर्मा ने उस दौरान जिला कांगड़ा से 700 से अधिक निजी बसों को बिलासपुर रैली के लिए भेजा गया था, लेकिन आज दिन तक उन्हें कोई पैसा नहीं मिला है।