गुलेर (कांगड़ा)। राजस्थान में खेती और कामकाज कर रहे पौंग बांध विस्थापितों ने अब प्रदेश सरकार से अपने हक के लिए गुहार लगाई है। ग्रामीणों और विस्थापितों ने परिवहन मंत्री से मांग की है कि जवाली से राजस्थान के लिए एक विशेष रात्रि बस सेवा शुरू की जाए। विस्थापित तिलक राज, सुशील कुमार, यशपाल और सुरेंद्र कुमार ने बताया कि पौंग बांध निर्माण के समय विस्थापित हुए सैकड़ों परिवारों के मुरब्बे और कृषि भूमि राजस्थान के विभिन्न इलाकों में हैं। वर्तमान में ग्रामीणों को देहरा या अन्य दूरदराज के क्षेत्रों में जाकर बसें बदलनी पड़ती हैं। लंबी दूरी की बसों में भारी भीड़ के कारण बुजुर्गों और किसानों को परेशानी होती है। ग्रामीणों के अनुसार यदि बस खाजूवाला तक चलती है, तो वहां से विस्थापित अपने-अपने गंतव्यों तक आसानी से पहुंच सकेंगे। ग्रामीणों ने मांग उठाई है कि इस बस सेवा को इस प्रकार संचालित किया जाए, जिससे अधिक से अधिक पंचायतों को लाभ मिल सके। यह बस जवाली वाया हरसर, नगरोटा सूरियां, गुलेर, हरिपुर, भटोली फकोरियां, देहरा होता हुए राजस्थान के खाजूवाला तक चलाई जाए। संवाद