बज्रेश्वरी मंदिर के गर्भ गृह में भिड़ गए पुजारी
कांगड़ा में पूजा के लिए खड़े श्रद्धालुओं के सामने जमकर हुआ हंगामा
मंदिर अधिकारी ने मौके पर नहीं दी एसडीएम को सूचना
आगामी कार्रवाई के लिए डीसी को भेजी सिफारिश
अमर उजाला ब्यूरो
कांगड़ा। शक्तिपीठ बज्रेश्वरी मंदिर के गर्भ गृह में श्रद्धालुओं के सामने बारीदार पुजारी और सरकारी मंदिर कर्मचारी (पुजारी) आपस में भिड़ गए। माता के दर्शनों के लिए खड़े श्रद्धालुओं के सामने हुए इस झगड़े से अफरा-तफरी मच गई। बताया जा रहा है कि मामला सोमवार सुबह साढ़े दस बजे का है। यहां मंदिर के गर्भगृह में माता की चुनरी के लेन देन को लेकर बारीदार की ड्यूटी पर तैनात पुजारी के साथ बहस हो गई, यहां तक कि नौबत हाथापाई तक पहुंच गई। हैरानी इस बात की है कि मंदिर प्रशासन को घटना की भनक लगने के बावजूद मामले को न तो उच्च अधिकारियों न ही पुलिस तक पहुंचाया गया। एसडीएम को सोमवार रात इस मामले की सूचना मिली और उन्होंने मंगलवार सुबह ही त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले की अपने स्तर पर जांच शुरू कर दी। जांच करने के बाद एसडीएम ने आगामी कार्रवाई के लिए डीसी को सूचित कर दिया है। साथ ही एसडीएम ने भी दो टूक कह दिया है कि मामला ध्यान में होने के बावजूद उन्हें इससे अनभिज्ञ क्यों रखा गया, इसकी भी जांच होगी। एसडीएम ने बताया कि प्रारंभिक छानबीन में उन्हें ज्ञात हुआ है कि सोमवार को जब पुजारी शिवनंदन मंदिर के गर्भगृह में पहुंचा और ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी सुशील कुमार शास्त्री से श्रद्धालु के लिए माता की चुनरी मांगने लगा। शास्त्री उस दौरान चुनरियां एकत्रित कर रहा था। शास्त्री ने इसका विरोध किया तो पुजारी उससे भिड़ गया। गर्भ गृह के भीतर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगाली गई है। इस फुटेज में उन्होंने सारा मामला देखा है। जिलाधीश को मामले की पूरी रिपोर्ट तैयार कर अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश कर दी गई है। उन्होंने कहा कि शक्तिपीठ बज्रेश्वरी माता का मंदिर पूरे विश्व में विख्यात है। देश के कोने-कोने से लोग माता के दर्शनों के लिए आते हैं। उन्होंने दो टूक कह दिया कि मंदिर के गर्भ गृह और श्रद्धालुओं के सामने ऐसी घटना अशोभनीय और असहनीय है। मामला में जो भी दोषी पाया गया उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।