फर्जी हस्ताक्षर कर कारोबारी को बनाया गारंटर
लोन लेने के 14 साल बाद कारोबारी को लगा पता, सिविल रिपोर्ट लेते समय डिफाल्टर आने से खुलासा
अमर उजाला ब्यूरो
शाहपुर (कांगड़ा)। पुलिस थाना शाहपुर में धोखाधड़ी का अनोखा मामला सामने आया है। जिसमें एक कारोबारी को लोन लेने के लिए गारंटर बनाया गया है, जबकि कारोबारी को उसके बाद में 14 साल बाद पता चला। फर्जी हस्ताक्षर कर लोन लेने वाले ने दिल्ली के कारोबारी को गारंटर बनाया है। इस बारे में कारोबारी अशोक कुमार ने शाहपुर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करवाई है। उन्होंने शिकायत में कहा कि 31 नवंबर 2004 को मलकीत सिंह पुत्र रुमाल सिंह निवासी दरगेला ने एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड शिमला कार्यालय से तीन लाख 60 हजार रुपये का लोन लिया था। जिसमें अशोक कुमार गारंटर बनाया गया था, वह लोन अब ब्याज सहित पांच लाख रुपये से अधिक बन चुका है। उन्होंने कहा कि जिस समय मलकीत सिंह ने लोन लिया है, उस समय वह शाहपुर में उपस्थित ही नहीं थे। लोन लेने के कागजात में जो हस्ताक्षर किए हैं, वह भी फर्जी है। जिसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि लोन लेने के दस्तावेज में गारंटर की फोटो तक नहीं लगाई गई है। उन्होंने कहा कि एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस के उस समय के प्रबंधक की मिलीभगत के कारण यह लोन लिया गया होगा। जिसमें उन्हें झूठा फंसाने की कोशिश की जा रही है। उधर, एएसपी कांगड़ा बद्री सिंह ने कहा कि पुलिस ने लोन लेने वाले व्यक्ति और एलआईसी के उस समय के प्रबंधक के खिलाफ 420 व 120 के तहत मुकदमा दर्ज कर छानबीन कर दी है।
ऐसे हुआ खुलासा
अशोक कुमार मूलत: दिल्ली से हैं। वह 2002 से 2007 तक पार्वती परियोजना में सेवाएं दे चुके हैं। जनवरी 2008 में उन्होंने शाहपुर के बनोई में अपना कारोबार शुरू किया है, जबकि लोन वर्ष 2004 में लिया गया है। कारोबारी जब अपनी सिविल रिपोर्ट लेने के लिए सीए के पास गए, तो सिविल एजेंसी ने उन्हें डिफाल्टर बताया। जिसके बाद उन्होंने इस मामले की छानबीन शुरू की। अब पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है।