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डीसी दफ्तर में ही ठग ली महिला

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डीसी कार्यालय में ही ठग ली महिला
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दफ्तर का कर्मचारी बनकर लगाया 2 हजार रुपये का चूना
सीसीटीवी फुटेज में आया आरोपी, पुलिस ने शुरू की जांच
अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। जिला को न्याय दिलाने वाला डीसी दफ्तर ही शातिरों ने अपने निशाने पर ले लिया है। डीसी दफ्तर में काम करवाने के लिए आने वाले भोले-भाले लोगों को मदद करने के बहाने शातिर सरकारी कर्मचारी बनकर ठग रहे हैं।
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शनिवार को डीसी दफ्तर में एक शातिर ने सहायता करने के बहाने महिला को ठग लिया। शातिर ने पहले महिला को उसका काम करवाने में मदद करने के जाल में उलझाया, उसके बाद दो हजार रुपये ठग कर फरार हो गया। मंदल पंचायत के भड़वाल गांव की किरण बाला ने बताया कि वह सुबह बेटी का ओबीसी का सर्टिफिकेट बनवाने के लिए डीसी दफ्तर में आई थी। यहां पर एक अज्ञात शख्स ने खुद को डीसी दफ्तर का कर्मचारी बताकर उसकी मदद करनी शुरू कर दी। उसने दफ्तर में एक पत्र टाइप करवाया। उसके पास दो हजार रुपये का नोट था, छुट्टे पैसे नहीं थे। खुद को स्टाफ कर्मी बताने वाले शख्स ने उससे कहा कि वह किसी अपने साथी कर्मचारी से 2000 रुपये के छुट्टे करवा लाता है। आरोपी ने तहसीलदार के रीडर दीप कुमार से दो हजार रुपये के छुट्टे लिए। लेकिन, उसने महिला को बताया कि अंदर छुट्टे पैसे नहीं मिले, वह बाहर से लाता है। आरोपी काफी देर तक नहीं आया तो महिला को ठगी का अहसास हुआ। महिला ने एडीएम और पुलिस को शिकायत की। सीसीटीवी फुटेज में आरोपी की तस्वीर आ गई है। पुलिस अब आरोपी की पहचान में जुटी हुई है। डीसी दफ्तर में सीसीटीवी कैमरों के सामने ठगी की वारदात ने दफ्तर की व्यवस्था पर सवाल उठा दिए हैं। कुछ कर्मचारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि कुछ महीने पहले भी दफ्तर में इस तरह की दो बार ठगी हो चुकी है। पीड़ित महिला ने बताया कि धरातल मंजिल पर कोई सुरक्षा कर्मी भी मौजूद नहीं था। एसपी संतोष पटियाल ने बताया कि मामले की छानबीन की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपी को ढूंढा जा रहा है।
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