धर्मशाला। नगर निगम धर्मशाला के एक कर्मचारी ने कार्यक्रम करवाने के लिए अपने स्तर पर ही संस्थान को अनुमति दे दी। कार्यक्रम करवाने वाली संस्था को बाकायदा 50 हजार रुपये की रसीद भी दी। इसमें एमसी के किसी भी अधिकारी के हस्ताक्षर तक नहीं थे। हैरत है कि गड़बड़झाले का मामला प्रदेश सरकार के पास पहुंचने के बाद निगम प्रशासन हरकत में आया। इस पर अतिरिक्त आयुक्त सुखदेव सिंह ने सदर थाने में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ धारा-420 के तहत मामला दर्ज करवाया है।
नगर निगम ने अपने स्तर पर ही फर्जी परमिशन देने और 50 हजार रुपये लेने वाले कर्मचारी का पता लगाने की जांच शुरू कर दी है। वहीं, दूसरी ओर नगर निगम के पार्षदों ने जनरल हाउस में निगम के पदाधिकारियों को घेरने का एलान कर दिया है। बताया जा रहा है कि एक तिब्बती संस्था ने मैक्लोडगंज दलाईलामा मंदिर के पास स्थित पार्किंग में साप्ताहिक कार्यक्रम की अनुमति के लिए आवेदन किया था, लेकिन दलाईलामा की सुरक्षा को देखते हुए पहली बार संस्था को इसकी अनुमति नहीं दी गई। बाद में नगर निगम के किसी कर्मचारी ने संस्था को कार्यक्रम करवाने की परमिशन अपने स्तर पर ही स्लिप काटकर जारी कर दे दी थी। कर्मचारी ने बिना अधिकारी के हस्ताक्षर के ही 50 हजार रुपये लेकर रसीद भी प्रदान कर दी थी। इसके बाद नगर निगम के आयुक्त की बिल बुक गायब हो गई और उन्हें यह भी पता चला कि यहां 50 हजार रुपये का गबन हुआ है। इसकी शिकायत उन्होंने पुलिस थाना धर्मशाला में की थी। इस बात की सूचना प्रदेश सरकार तक भी पहुंच गई। अब एमसी ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है।
कोट्स
सदर थाना प्रभारी सुनील राणा ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आईपीसी की धारा-420 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। जांच चल रही है।
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नगर निगम महापौर रजनी ने बताया कि जिस भी कर्मचारी ने गलत काम किया है, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए पुलिस को जांच तेज करने और अधिकारियों को भी कहा है।