अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। पत्नी की हत्या के दोषी पति को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश ज्योत्स्ना सुमंत डढवाल की अदालत ने बुधवार को यह फैसला सुनाया है। पालमपुर उपमंडल में पत्नी की हत्या के आरोपी पति अश्वनी कुमार पर दोष सिद्ध होने पर उम्रकैद की सजा सुनाने के साथ 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
मामले की पैरवी उप जिला न्यायवादी एलएम शर्मा ने की। मामले की जानकारी देते हुए जिला न्यायवादी राजेश वर्मा ने की। उन्होंने बताया कि मामला 14 फरवरी 2015 का है। दोषी अश्वनी कुमार गांव भलेड़ चचियां अपनी पत्नी के साथ ससुराल में था। इसी दिन अश्वनी और उसकी पत्नी का आपस में किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया। इस पर दोषी ने अपनी पत्नी का गला दबाकर पकड़ लिया, इस दौरान वह बेहोश हो गई और फर्श के नीचे गिर गई। इतना ही नहीं पति ने उसे बेहोशी की हालत में छत में लगे बांस में चुन्नी बांधकर लटका दिया। इसके बाद उसने झूठी कहानी बनाते हुए सास को फोन किया कि उनकी लड़की ने फंदा लगा लिया है और खुद वहां से भागने लगा। ऐसे में पड़ोस की लड़की ने अश्वनी को देखकर आवाज लगाई तो उसने कहा कि वह अपनी पत्नी को ढूंढ रहा है। इसी दौरान अन्य लोग भी वहां पहुंच गए। लोगों ने खुखरी से दुपट्टा काटकर महिला को नीचे उतारा, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। घटना को लेकर मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच में पाया कि अश्वनी कुमार का प्रेम विवाह हुआ था। लेकिन शादी के कुछ समय बाद से ही अश्वनी ने अपनी पत्नी को तंग करना शुरू कर दिया था। दोनों के कई बार पंचायत में समझौते हुए थे। 13 अप्रैल 2015 को अश्वनी कुमार अपने ससुराल आया था और 14 अप्रैल की सुबह वापस चला गया और जब उसने देखा की सास ससुर घर से बाहर चले गए हैं तो चुपके से घर में घुस गया। जांच में यह भी पाया गया कि दोषी ने खुद को निर्दोष साबित करने के लिए झूठी कहानी बनाई थी।