धर्मशाला। जवाली पुलिस एक माह पहले गायब हुई नाबालिग लड़की को ढूंढने के बजाय, मामले को दबा रही है। आज तक न तो नाबालिग लड़की का पता चला है और न ही कोई छानबीन इस मामले में हुई है। यह आरोप मंगलवार को एसपी कांगड़ा के दर समाजसेवी संजय शर्मा के नेतृत्व में पहुंचे पीड़ित परिजनों ने लगाए। पीड़ितों ने बताया कि इस मामले में संलिप्त लोग उन्हें मामले को वापस लेने का दबाव बना रहे हैं। इसके अलावा उन्हें डराने-धमकाने के लिए उनके घरों पर पत्थर तक फेंक रहे हैं।
पीड़ितों का आरोप है कि इस पूरे मामले में पुलिस को जानकारी है, लेकिन वह जानबूझ कर इस मामले पर पर्दा डालने की कोशिश कर रही है। परिजनों ने एसपी संतोष पटियाल को दास्तां सुनाते हुए कहा कि 28 जनवरी को ज्वाली थाना के तहत आते एक गांव की नाबालिग लड़की को जबरन उठाकर ले जाने का मामला संबंधित थाना में दर्ज करवाया गया था। इस मामले में कौन लोग संलिप्त हैं, इसकी जानकारी भी पुलिस को दी थी। लेकिन पुलिस न तो नाबालिग को ढूंढ पाई है और न ही आरोपियों पर कोई कार्रवाई अमल में लाई है। पीड़ितों ने पुलिस प्रशासन पर आरोप लगाया है कि जिस गाड़ी में उनकी नाबालिग लड़की को उठाया गया है, उसका नंबर तक उन्होंने पुलिस को दिया है। परिजनों का कहना है कि अगर उनकी नाबालिग बेटी को कुछ होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन पर होगी।
कोट्स
परिजनों को आश्वासन दिया है कि इस मामले में संलिप्त लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। अगर पुलिस इस मामले को दबाने की कोशिश कर रही है तो उस पर भी बनती कार्रवाई होगी।-संतोष पटियाल, एसपी कांगड़ा