देहरागोपीपुर (कांगड़ा)। देहरा में रविवार को प्रशासन की आपदा प्रबंधन को लेकर की आधी-अधूरी तैयारियों की पोल खुल गई। ब्यास नदी के बीचोंबीच एक टापू पर एक व्यक्ति करीब छह घंटे तक फंसा रहा, लेकिन आपदा प्रबंधन कमेटी, पुलिस और प्रशासन उसे निकालने में नाकाम रहे।
जानकारी के अनुसार रविवार दोपहर करीब साढ़े 12 बजे लोगों ने देखा कि एक व्यक्ति ब्यास नदी के बीचोंबीच फंसा हुआ है। जानकारी मिलने के बाद लोग मौके पर पहुंचे। जांच के बाद पता चला कि नदी के बीच में फंसा व्यक्ति लेलो सिंह (55) निवासी देहरा है। लोगों ने पुलिस को फोन किया, लेकिन पुलिस काफी समय बाद पहुंची और उसे निकालने का कोई प्रयास नहीं किया। काफी देर तक मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मी खड़े-खड़े नदी में फंसे व्यक्ति को देखते रहे और फिर बिना कुछ किए वापिस लौट गए। पुलिस और प्रशासन की ओर से कोई प्रयास न होता देख दो युवक अजय और विशाल जलस्तर घटने पर जान हथेली पर रखकर उफनती नदी में उतर गए। काफी मशक्कत के बाद वे तैर कर नदी के बीच बने अस्थायी टापू पर पहुंच गए। बीच में फंसे व्यक्ति को हौसला देने के बाद दोनों साहसी युवक लेलो सिंह को तैर कर वापिस ले आए। लेलो सिंह के पड़ोसी राकेश सिंह का कहना है कि सूचना देने के बावजूद प्रशासन और पुलिस ने व्यक्ति को बचाने का कोई प्रयास नहीं किया। इससे पता चलता है कि सरकारी अमले के लिए एक आदमी की जान की क्या कीमत है। इस संबंध में डीएसपी देहरा एलएम सिंह का कहना है कि वे छुट्टी पर हैं, लेकिन यदि ऐसा हुआ तो जानकारी लेंगे।
कंट्रोल रूम को नहीं मिली सूचना
एसडीएम देहरा मलोक सिंह का कहना है कि इस तरह की आपदाओं के लिए एक कंट्रोल रूम बनाया गया है, लेकिन किसी ने कंट्रोल रूम से संपर्क नहीं किया। भविष्य में लोग ऐसी आपदा हो तो कंट्रोल रूम नंबर 01970-233102 पर तुरंत सूचना दें।