तब अन्य डॉक्टरों ने उसके बेटे को नूरपुर अस्पताल में दाखिल कर लिया और एक घंटे बाद ही उसे डिस्चार्ज कर टांडा अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। टांडा में डॉक्टरों ने प्लास्टर काट दिया। उसके बाद टांग की सफाई की। टांडा में तैनात डॉक्टरों ने कहा कि लड़के की टांग में रेशा पड़ चुका है, अगर यह रेशा ऐसे ही निकलता रहा तो टांग भी काटनी पड़ सकती है। साथ ही टांडा अस्पताल प्रबंधन ने भी डिस्चार्ज कर उसकी देखभाल घर पर ही करने की सलाह दी है। पीड़ित पिता ने कहा कि उसका बेटा चल नहीं पा रहा है।
उसने नूरपुर अस्पताल में सेवारत डॉक्टर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उधर, एसपी संतोष पटियाल ने कहा कि पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। टांडा मेडिकल कॉलेज की रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
उधर, सीएमओ डा. गुरदर्शन गुप्ता ने कहा कि अभी तक उनके ध्यान में ऐसा कोई मामला नहीं आया है।
कब क्या हुआ
पीड़ित बच्चे के पिता के मुताबिक 15 मई को प्लास्टर चढ़ाया गया। जब दर्द सहन नहीं हुआ तो 27 मई को बच्चे को लेकर नूरपुर अस्पताल पहुंचे, जहां संबंधित डॉक्टर गायब हो गया। इसके बाद 11 जून को टांडा से बच्चे को डिस्चार्ज कर दिया गया। इसके बाद पुलिस में केस दर्ज करवाया गया।