बैजनाथ (कांगड़ा)। उपमंडल बैजनाथ की संसाल पंचायत की प्रधान को एक लाख रुपये रिश्वत लेने के आरोप में विजिलेंस की टीम ने पकड़ा है। आरोप हैं कि प्रधान ने ठेकेदार से काम के बदले में एक लाख की रिश्वत मांगी। ठेकेदार ने इसकी शिकायत विजिलेंस को दी थी। वीरवार को रिश्वत के पैसे लेते समय प्रधान के साथ उसका पति भी मौके पर मौजूद था। विजिलेंस टीम को देख वह मौके से फरार हो गया। जबकि आरोपी प्रधान ने टीम को देखकर पैसों को नीचे गिरा दिया। आरोपी पंचायत प्रधान आशा देवी को शुक्रवार को धर्मशाला स्थित न्यायालय में पेश किया जाएगा।
दरअसल संसाल से थाथी गांव के रास्ते पर कटिंग के काम के लिए पांच लाख रुपये की राशि स्वीकृत हुई थी। ठेकेदार कार्य को पूरा करने के बाद बैंक चेक की मांग कर रहा था। पंचायत सचिव ने ठेकेदार को चेक दे भी दिया था, लेकिन प्रधान उस पर हस्ताक्षर नहीं कर रही थीं। लेने-देन की बात तय होने के बाद प्रधान ने ठेकेदार को वीरवार सुबह दस बजे पंचायत घर में बुलाया। यहां पर वह बारह चेकों पर साइन कर रही थी। जब विजिलेंस मौके पर पहुंची तो प्रधान ने रिश्वत के एक लाख रुपये टेबल पर रख दिए। इसमें दो-दो हजार रुपये के नोट थे। ठेकेदार ने इसकी शिकायत पहले ही विजिलेंस में की थी, लेकिन लेन-देन के लिए दिन और समय तय न होने के कारण विजिलेंस की टीम प्रधान को पकड़ नहीं पा रही है।
वीरवार को डीएसपी विजिलेंस रंधीर सिंह की अगुवाई में 15 सदस्यीय टीम ने सुबह साढ़े 10 बजे पंचायत घर में प्रधान को रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया। आरोपी प्रधान का पति मौके से फरार हो गया। उधर, डीएसपी विजिलेंस रंधीर सिंह ने बताया कि आरोपी प्रधान से पूछताछ की जा रही है। खबर लिखे जाने तक विजिलेंस टीम पंचायत घर में जांच में जुटी थी।