धर्मशाला। उपभोक्ता आयोग की खंडपीठ ने छह प्रतिशत ब्याज सहित पांच लाख रुपये उपभोक्ता को देने के आदेश न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी को दिए हैं। यह फैसला उपभोक्ता आयोग धर्मशाला के अध्यक्ष हिमांशु मिश्रा, सदस्य नारायण ठाकुर और भारती सूद की खंडपीठ ने सुनाया है। मामले की पैरवी कर रहे अधिवक्ता विनय सोनी ने बताया कि शिकायतकर्ता नंदनी थापा ने अपनी कार के इंश्योरेंस के लिए न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी के पास आवेदन किया था। इंश्योरेंस कंपनी क्षतिग्रस्त कार की इंश्योरेंश देने में आनाकानी कर रही थी। इसके चलते उन्होंने इसकी शिकायत वर्ष 2020 में उपभोक्ता आयोग में की। उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ता अपने किसी काम से कार में सवार होकर दरिणी गए थे। इस दौरान रात को उन्होंने अपनी कार को सड़क किनारे खड़ा किया था, लेकिन रात को भूस्खलन हुआ और इसकी चपेट में कार आ गई। कार खाई में जा गिरी। जब शिकायतकर्ता ने इंश्योरेंश कंपनी से मुआवजा मांगा तो उन्होंने शिकायतकर्ता को यह कहकर टाल दिया कि उन्होंने खुद ही गाड़ी को धक्का देकर खाई में गिराया है। इसके चलते इसका मुआवजा देने से मना कर दिया। अब शिकायतकर्ता नंदनी थापा निवासी रामनगर धर्मशाला की शिकायत को मंजूर करते हुए उपभोक्ता आयोग ने संबंधित बीमा कंपनी को गाड़ी की इंश्योरेंस राशि 5,20,000 छह प्रतिशत ब्याज सहित अदा करने के आदेश दिए हैं। साथ ही कंपनी को 25,000 शिकायत का खर्चा देने के आदेश भी दिए हैं। कंपनी को यह राशि देने के लिए 30 दिन का समय दिया गया है। यह राशि केस के दिन से लेकर आदेश के दिन तक ब्याज सहित देने के आदेश हुए हैं।