धर्मशाला। कांग्रेस की विरोधी विधायकों के साथ चल रही लड़ाई के चलते धर्मशाला विधानसभा क्षेत्र से सुधीर शर्मा समर्थित पदाधिकारियों को धीरे-धीरे उनके पदों से हटाया जा रहा है। शनिवार को नगर निगम धर्मशाला में सुधीर समर्थित पांचों मनोनीत पार्षदों को हटा दिया गया है। इसके बाद सुक्खू समर्थितों में से पांच कार्यकर्ताओं को नगर निगम का मनोनीत पार्षद नियुक्त किया गया है। धर्मशाला में दो गुटों में बंटी कांग्रेस पहले भी कई बार आमने-सामने आ चुकी है, लेकिन नगर निगम में भाजपा समर्थित वार्डों में कांग्रेस ने अब इन पार्षदों को मनोनीत कर अपना आधार मजबूत किया है। इनमें से वार्ड छह से राजीव महाजन, वार्ड सात से संजीव शर्मा, वार्ड आठ से रणधीर सेखड़ी, वार्ड 16 से डॉ. अनुराग खन्ना और वार्ड 17 से अभिषेक मनोनीत पार्षद होंगे।
इससे पहले सुधीर शर्मा ने कांग्रेस के दूसरे गुट की जड़ों को काटने के लिए कांग्रेस समर्थित पार्षदों के सामने ही अपने मनोनीत पार्षद खड़े कर दिए थे, लेकिन अब मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने धीरे-धीरे सुधीर शर्मा के समर्थितों को किनारे लगाना शुरू कर दिया है।
- यह पांचों मनोनीत पार्षद कांग्रेस के खिलाफ सोशल मीडिया पर कुछ न कुछ लिख रहे थे। इसलिए उन्हें हटाकर भाजपा समर्थित पार्षदों के वार्डाें से नए पार्षद मनोनीत किए गए हैं, जिससे कांग्रेस को मजबूत किया जा सके। नए मनोनीत पार्षद कांग्रेस के पुराने कर्मठ कार्यकर्ता हैं।
- देंवेंद्र जग्गी, पूर्व मेयर, नगर निगम धर्मशाला
-पहले ही पता था कि यह सब होना ही है। हमेशा सुधीर शर्मा के साथ हैं और आगे भी उनके साथ रहेंगे और उनका समर्थन करेंगे। पार्टी के लिए पहले भी काम किया और करते रहेंगे।
- शैलेंद्र आचार्य, पूर्व मनोनीत पार्षद
- बिना किसी पार्टी विरोधी गतिविधियों के भी पदभार से हटाया गया। 15 साल कांग्रेस के लिए काम करने का यह फल मिला है। सुधीर शर्मा और धर्मशाला के विकास के लिए हमेशा आगे रहेंगे, चाहे कोई पद मिले या नहीं। - मनीमहेश जोड़ा, पूर्व मनोनीत पार्षद