जसूर (कांगड़ा)। उपमंडल इंदौरा के तहत आते गांव डाहकुलाहडा के निवासी कर्नल बीएस गुलेरिया को लंबी कानूनी लड़ाई के बाद आखिरकार अगली पदोन्नति मिली है। इसको प्राप्त करने के लिए उनके समेत अन्य 200 लोगों को करीब 14 साल का समय लगा। लेफ्टिनेंट कर्नल के पद पर पदोन्नत हुए गुलेरिया ने बताया कि 2005 में उन्हें रक्षा मंत्रालय की ओर से दिए गए एक फैसले से पदोन्नति से वंचित कर दिया गया था। इस फैसले के खिलाफ वह और उनके अन्य साथियों ने इसे माननीय उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी, जिसमें न्यायालय ने उन्होंने और उनके अन्य साथियों के पक्ष में फैसला सुनाया। गुलेरिया के अनुसार अपने हक के लिए लड़ी गई इस लंबी लड़ाई में मिली जीत इस बात को प्रमाणित करती है कि हक के लिए लिए किया गया संघर्ष बेकार नहीं जाता है। उसका सार्थक परिणाम जरूर निकलता है।