जसूर (कांगड़ा)। व्यापारिक कस्बा जसूर में गत दो वर्ष से शुरू हुए फोरलेन के कार्य आज तक पूरा न होने के चलते कारोबारी और स्थानीय निवासी काफी परेशान हैं। कारोबारियों का कहना है कि इसके निर्माण में जहां उनके स्वास्थ्य पर प्रभाव पड़ रहा है। वहीं, उनका कारोबार भी ठप है। उनकी दुकानों में खरीदार आने से कतराने लगे हैं। इसके चलते कस्बे से काफी कारोबारी अपना व्यापार समेट कर चले गए हैं।
जसूर कस्बे के व्यापारी मुकुल धीमान, राॅकी महाजन, नंदू शर्मा, अजय पठानिया, नितिन, अश्विनी शर्मा, कालू, अंकित वर्मा, व्यापारी अर्पण भारती और राकेश गुप्ता आदि का कहना है कि फोरलेन निर्माण कंपनी की ओर से बनाए जा रहे एक पिलर की कैपिंग के लिए तीन से चार माह का समय लिया जा रहा है। कस्बे में लगभग 32 के करीब पिलर बनाए गए हैं। इनमें कैपिंग के कार्य के लिए इस तरह लगभग चार से पांच साल का समय लगेगा।
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि निर्माण कंपनी में कर्मचारियों और मशीनरी के अभाव के चलते एक-एक कैपिंग के कार्य को इतना समय लग रहा है। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया है कि निर्माण कंपनी को कड़े निर्देश दिए जाएं। व्यापार मंडल के प्रधान राजू महाजन ने आक्रोश जताते हुए कहा कि अगर कस्बे में प्रतिदिन पानी का छिड़काव नहीं हुआ तो वह व्यापारियों के साथ मिलकर निर्माण कंपनी और प्रशासन के खिलाफ धरना प्रदर्शन करने से भी गुरेज नहीं करेंगे।
फोरलेन कंपनी के सीईओ हरप्रीत सिंह ने कहा कि इस कस्बे का कार्य इस वर्ष के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। पिलरों की कैपिंग के लिए विशेष मशीनरी यानी लांचर लाए जाएंगे। जबकि बिजली की हाई वोल्टेज तारों को अक्तूबर के बाद हटाया जाएगा।