देहरागोपीपुर (कांगड़ा)। उपमंडल देहरा के तहत बड़ा पंचायत के कुछ लोगों ने प्रदेश सरकार से न्याय की गुहार लगाई है। लोगों कहना है कि पौंग डैम बनने के बाद उन्हें प्रदेश सरकार की ओर से राजस्थान में मरब्बे आवंटित हुए थे लेकिन राजस्थान में कुछ प्रभावशाली लोगों ने उनके मुरब्बों पर कब्जा कर लिया है। बार-बार कहने पर भी वह लोग हटने के लिए तैयार नहीं हैं। बुधवार को देहरा में ढलियारा पंचायत के उपप्रधान वीरेंद्र मनकोटिया की अगुआई में प्रभावित फरीद मोहम्मद, अली दीन और शेर दीन ने बताया कि 1972-73 में पौंग डैम बनने के बाद उन्हें अपने गांवों से विस्थापित होना पड़ा था। इसकी एवज में हिमाचल सरकार ने उन्हें राजस्थान के अनूपगढ़ में मरब्बे दिए लेकिन उन्हें इसके बारे में पूरी जानकारी नहीं थी। कुछ समय पहले उन्हें पता चला कि उनके नाम पर मरब्बे हैं। इसके बाद जब वे कब्जा लेने वहां पहुंचे तो पता चला कि वहां के कुछ दबंग उन पर कब्जा कर चुके हें। वहां जाने पर उन लोगों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मांग की है कि उन्हें न्याय दिलाया जाए। मनकोटिया ने बताया कि प्रभावित लोगों ने सुप्रीम कोर्ट के वकील वशीर खान से इस संबंध में बात की है। वह रविवार को देहरा पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी तरह अन्य प्रभावितों को भी वकील से मिलने के लिए बुलाया है।