बीड़ स्कूल के बाहर सड़क पर झ़ुके पेड़। संवाद
बैजनाथ (कांगड़ा)। उपमंडल बैजनाथ के बीड़ में सफेदे और पाॅपुलर के बड़े पेड़ लोगों के लिए खतरा बने हुए हैं। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बीड़ और बीड़-संसाल मार्ग के साथ लगे इन पेड़ों से कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है। बीड़ का यह एरिया सबसे व्यस्त रहता है। इन पेड़ों के आसपास स्कूल के अतिरिक्त लोक निर्माण विभाग का कार्यालय, बीड बाजार का एक भाग, वन विभाग का रेस्ट हाउस और पैराग्लाइडिंग स्कूल मौजूद है।
इसके चलते हर समय लोगों और स्कूली बच्चों की आवाजाही लगी रहती है। इसके अलावा बीड़ चाय कारखाने के भवन के पास का पेड़ खतरा बने हैं। वहीं, बैजनाथ-चौबीन मार्ग पर संत राम डिग्री काॅलेज के बाहर के पेड़ गिरने की स्थिति में हैं। बैजनाथ-पपरोला के मध्य बिनवा पुल के पास एनएच पर बांसों का झुंड भी खतरा बना हुआ है। यही नहीं, बीड़ में वन विभाग के अपने विश्राम गृह भी बड़े पेड़ों की वजह से सुरक्षित नहीं है। इन सभी पेड़ों को लेकर वन विभाग ने एसडीएम कार्यालय को अवगत करवाया है और प्रशासन ने बीड़ के खतरनाक पेड़ों का निरीक्षण भी किया है, लेकिन अभी तक ये पेड़ लोगों के लिए खतरा बने हुए हैं। वहीं, इस संदर्भ में वन विभाग के आरओ पवन ने बताया कि इन पेड़ों को लेकर प्रशासन के समक्ष मामला उठाया गया है।
क्षेत्र में कई पेड़ खतरा बना हुए हैं। इन पेड़ों को काटने को लेकर वन विभाग को कई बार कहा गया है, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई है।
सुरेश ठाकुर, प्रधान बीड़
क्षेत्र में पॉपुलर और सफेदे के पेड़ों को एक निश्चित समय के बाद काटे जाने का प्रावधान है, लेकिन यह बहुत बड़े हो चुके हैं और कभी भी गिर सकते हैं। इन्हें समय रहते काटा जाना चाहिए।
सतीश अबरोल, अध्यक्ष
बीड़ के लोक निर्माण विभाग कार्यालय के समीप के पेड़ को काटने की अनुमति 133 सीआरपीसी के तहत दी गई है। शेष पेड़ों को लेकर वन विभाग अपने तौर पर कार्रवाई अमल में ला सकता है।
देवी चंद ठाकुर, एसडीएम बैजनाथ