नगरोटा सूरियां (कांगड़ा)। कृषि विभाग की ओर से वीरवार को कृषि विभाग की जैव नियंत्रण, प्रयोगशाला पालमपुर के अधिकारियों ने जवाली विधानसभा क्षेत्र की ढन, फारियां, मतलाहड़, पपाहन, गुगलाहड़, चलवाड़ा पंचायतों के साथ डैम में लगी गेंहू के खेतों का दौरा कर फसलों का निरीक्षण किया।
अधिकारियों ने बताया कि इन क्षेत्रों में गेहूं की फसलों पर पीले रतुआ के लक्षण अभी तक नहीं आए हैं। उन्होंने किसानों को पीले रतुआ की रोकथाम के लिए लक्षण नजर आने पर एक लीटर पानी में एक मिलीलीटर प्रॉपिकोनाजोल 25 ईसी (टिल्ट) दवाई मिलाकर स्प्रे करने की सलाह दी। साथ ही 15 दिन बाद छिड़काव करने के बारे में बताया। एसएमएस डॉ. ज्योति रैना ने बताया कि कृषि विभाग नगरोटा सूरियां के कार्यालय से किसान टील्ट दवाई प्राप्त कर गेहूं की फसल में इस बीमारी की रोकथाम कर सकते हैं। इस अवसर पर जैव नियंत्रण प्रयोगशाला पालमपुर के अधिकारी डाॅ. अमन, डाॅ. रीता, डाॅ. अंजू, कृषि विभाग एसएमएस डॉ. ज्योति रैना और कृषि विकास अधिकारी डॉ. आकेश कुमार मौजूद रहे।