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अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा को लेकर दिखा उत्साह, मीलों सफर कर पहुंचे विद्यार्थी

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धर्मशाला के गर्ल्स स्कूल में अमर उजाला फाउंडेशन की अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा देते विद? - फोटो : Kangra
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धर्मशाला। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा 2022 रविवार को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला (कन्या) धर्मशाला में 11 से 12:30 बजे तक आयोजित हुई। नवंबर की ठंड में तड़के दुर्गम क्षेत्रों से मीलों सफर तय करके चंबा, हमीरपुर और ऊना सहित कांगड़ा जिला के दूरदराज के क्षेत्रों से 31 विद्यार्थी परीक्षा देने पहुंचे।
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नौवीं कक्षा के 13, दसवीं कक्षा के आठ, ग्यारहवीं कक्षा के सात, जमा दो के तीन विद्यार्थियों ने परीक्षा दी। परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि उन्हें यह परीक्षा देकर अच्छा लग रहा है। इस तरह की परीक्षाओं से भविष्य की तैयारी के लिए मनोबल बढ़ता है। कहा कि पहली बार कोई छात्रवृत्ति परीक्षा दी है। इस तरह के आयोजन भावी प्रतियोगी परीक्षाओं की नींव है। विश्वास है कि हम इस परीक्षा में उत्तीर्ण होंगे और छात्रवृत्ति के हकदार बनेंगे।
वहीं, अभिभावकों का कहना है कि छात्रवृत्ति आर्थिक बदहाली की जंजीरों को तोड़कर कई सपनों को साकार कर रही है। परीक्षा के सफल संचालन में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला तंगरोटी में सेवारत प्रवक्ता ज्ञान भट्ट ने अहम भूमिका निभाई।
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ये बोले विद्यार्थी
परीक्षा देने सुबह सात बजे घर से निकली
परीक्षा देने के लिए चंबा से सुबह सात बजे घर से निकली। परीक्षा के लिए कई दिन से तैयारी कर रही थी। परीक्षा देने के बाद बहुत अच्छा लग रहा है। परीक्षा देने से पहले थोड़ी घबराहट थी, लेकिन परीक्षा देने के बाद आश्वस्त हूं कि मैं इस परीक्षा में सफल हो जाऊंगी।
मन्नत, थुलेल, जिला चंबा, कक्षा ग्यारहवीं
परीक्षा से अच्छा अनुुभव मिला : वंशिका
मैं परीक्षा देने के लिए बहुत उत्साहित थी। मूलतया हमीरपुर की रहने वाली हूं। परीक्षा केंद्र पर समय पर पहुंचने के लिए तड़के घर से निकलना पड़ा। परीक्षा देने का अच्छा अनुभव मिला है। प्रतियोगी और स्कूल की परीक्षाओं की बेहतर तैयारी के लिए इस परीक्षा से विश्वास मिलेगा।
वंशिका ठाकुर, भोटा, हमीरपुर, कक्षा दसवीं
छात्रवृत्ति परीक्षा के लिए की थी खूब तैयारी: निखिल
छात्रवृत्ति परीक्षा देने की लंबे समय से चाह थी। इसके लिए खूब तैयारी की। सुबह पांच बजे अपने घर चिंतपूर्णी से निकला और समय पर धर्मशाला पहुंच गया। परीक्षा देने के बाद बहुत अच्छा लग रहा है। प्रश्न पत्र देखकर तैयारी का तनाव दूर हो गया।
निखिल, चिंतपूर्णी, कक्षा नौवीं
सपने साकार करने में मदद करेगी छात्रवृत्ति : कृतिका
मैंने और मेरे माता-पिता ने बहुत से सपने देखे हैं। इन सपनों को पूरा करने के लिए मैं कड़ी मेहनत कर रही हूं। आगे की पढ़ाई के लिए खर्च बढ़ जाता है। मेहनत करके छात्रवृत्ति परीक्षा दी है। परीक्षा अच्छी हुई है। छात्रवृत्ति मिलती है तो आगे की पढ़ाई की चिंता कम हो जाएगी।
कृतिका, संधोल, दसवीं कक्षा
क्या कहते हैं अभिभावक
बच्चों में बढ़ेगा आत्मविश्वास : रीना
चंबा जिले के थुलेल से अपनी बेटी के साथ आईं रीना कुमारी ने बताया कि इस तरह की परीक्षाओं से बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ेगा। बच्चों ने भविष्य में भी बहुत सी परीक्षाएं देनी हैं। इस परीक्षा से बच्चों को भविष्य की परीक्षाओं की तैयारी करने में मदद मिलेगी।
छात्रवृत्ति परीक्षा से बच्चों को मिलेगी मदद : राजेश
विपाशा पब्लिक स्कूल से बच्चों को परीक्षा दिलवाने आए राजेश कुमार ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में स्पर्धा लगातार बढ़ती जा रही है। सफल होने के लिए जरूरी है कि बच्चों को परीक्षाओं में पूछे जाने वाले सवालों के बारे में अच्छी समझ हो। छात्रवृत्ति के लिए ली गई परीक्षा से बच्चों को काफी मदद मिलेगी।
बच्चों की कामयाबी ही सबसे बड़ी ख्वाहिश : मंजू
चामुंडा देवी से अपनी बेटी आशिमा को परीक्षा दिलवाने आईं मंजू बाला धीमान ने बताया कि बच्चों की कामयाबी ही माता-पिता के जीवन की सबसे बड़ी ख्वाहिश होती है। कई मां-बाप आर्थिक तंगी के कारण अपने बच्चों को आगे बढ़ाने में असमर्थ होते हैं। उनके लिए यह छात्रवृत्ति काफी सहायक सिद्ध हो रही है।
उच्च शिक्षा की डगर होगी आसान : सोनिया
बेटी रूपाक्षी के साथ जौंटा से आई सोनिया शर्मा ने कहा कि दसवीं कक्षा के बाद पढ़ाई का खर्च बढ़ जाता है। ऐसे में आर्थिक तंगी के कारण कई बच्चों को पढ़ाई पूरी करने में कई दिक्कतें पेश आती हैं। इस छात्रवृत्ति योजना से उन गरीब बच्चों की उच्च शिक्षा हासिल करने की डगर आसान हो रही है।
कई सपने साकार कर रही छात्रवृत्ति योजना : देविंद्र
बेटे अभिनव के साथ फतेहपुर से आए देविंद्र कुमार ने कहा कि आज भी हर परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी मजबूत नहीं है कि बाकी खर्च पूरे करने के साथ बच्चों को उच्च और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मुहैया करवा सकें। इस विवशता से कई सपने साकार होने से पहले दम तोड़ देते हैं। यह छात्रवृत्ति योजना कई सपनों को साकार कर रही है।
प्रतिस्पर्धा के लिए बच्चों को तैयार कर रही परीक्षा : ज्ञान
परीक्षा के संचालन में सहयोग करने वाले प्रवक्ता ज्ञान भट्ट ने बताया कि भविष्य की प्रतिस्पर्धा के लिए बच्चों को तैयार करने में यह परीक्षा जबरदस्त पहल है। प्रतिभा को निखारने के लिहाज से यह परीक्षा एक बेहतरीन मंच है। आने वाले वर्षों में ज्यादा से ज्यादा बच्चों को इस परीक्षा में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए। विभिन्न विद्यालयों के शिक्षकों को भी इस परीक्षा में भाग लेने के लिए बच्चों को प्रोत्साहित करना चाहिए।
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