पालमपुर (कांगड़ा)। राजकीय अध्यापक संघ प्रबंधन सदस्य एवं न्यू मूवमेंट फार ओल्ड पेंशन संघ राष्ट्रीय के संयोजक, प्रदेश उपाध्यक्ष एसएस चड्ढा, प्रदेश उपाध्यक्ष छामछु सुब्बा, एक्स राज्य प्रधान सुभाष पठानियां, एक्स राज्य प्रधान एसएस रांटा ने कहा कि 2008 में नियुक्त शिक्षक पुराने आरएंडपी रूल्ज के तहत नियुक्त होने चाहिए थे। उन्हें अनुबंध पर रखकर उनका पौने सात साल तक शोषण किया। जबकि हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने इन्हें नियुक्ति तिथि से नियमित करने के आदेश दिए हैं। यह आदेश एलिमेंट्री शिक्षा निदेशालय को भी प्रेषित हो चुके हैं, लेकिन एलिमेंट्री शिक्षा विभाग इस पर संज्ञान नहीं ले रहा है।
करीब 1500 लोग पौने सात साल तक सरकार और विभाग के कारण पीड़ित हुए हैं। उन्हें पौने सात साल का एरियर सहित नौ फीसदी ब्याज भी चाहिए। उन्होंने कहा कि दुख होता है जब लोगों का शोषण करने वाले अपना घर तो भरते हैं, लेकिन उनके अधिकार कोर्ट फैसले के बावजूद देने में असमर्थ होते हैं। उन्होंने कहा कि हम भारत देश के नागरिक हैं और देश सेवा करना चाहते हैं, लेकिन जब कोर्ट फैसलों की कद्र नहीं होगी तो हम किस प्रकार देश सेवा करेंगे। अध्यापक संघ ने सरकार से मांग की कि हाईकोर्ट फैसले का आदर करते हुए हक दिया जाए। अन्यथा, अवमानना का केस हाईकोर्ट में लगेगा।