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Kangra News: चार दिन पहले चला आनंद शर्मा का नाम आलाकमान ने अब लिया फैसला

Wed, 01 May 2024 03:28 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
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धर्मशाला। कांगड़ा संसदीय सीट पर चली लंबी बैठकों के बाद आलाकमान ने पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा का नाम तय किया है। आनंद शर्मा के नाम पर चार दिन पहले ही चर्चा शुरू हुई थी। कांग्रेस का प्रदेश नेतृत्व यहां से आरएस बाली को चुनाव लड़वाना चाह रहा था, लेकिन बाली ने पिछले दिनों पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को पत्र लिखकर अपनी मंशा जाहिर कर दी थी। इससे पूर्व में अपने क्षेत्र की जनता से भी मुख्यमंत्री की जनसभा में अपनी बात का हाथ उठवा कर समर्थन करवा चुके हैं। इस जनसभा में बाली ने सीएम के सामने यह संदेश दिया था कि वे अपने क्षेत्र की जनता की सेवा करना चाहते हैं। आशा कुमारी का नाम भी यहां से टिकट की दौड़ में शामिल था, लेकिन अंतिम सहमति आनंद शर्मा के नाम पर हुई।
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गत दिवस मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने प्रत्याशी के चयन को लेकर खुद धर्मशाला का प्रवास किया था और संगठन के पदाधिकारियों से फीडबैक भी ली थी। लेकिन आरएस बाली के चुनाव मैदान से पीछे हटने और आशा कुमारी के नाम पर सहमति न बनने के बाद अब आनंद शर्मा के नाम पर मुहर लगी है। भाजपा हाईकमान ने मार्च माह में ही कांगड़ा संसदीय क्षेत्र और धर्मशाला उपचुनाव के प्रत्याशी के नामों की घोषणा कर दी थी, लेकिन सत्तारूढ़ कांग्रेस ने भाजपा की तुलना में करीब एक माह की देरी के बाद अब कांगड़ा लोकसभा में अपना उतारा है। आनंद शर्मा को कुछ लोग बाहर का प्रत्याशी बता रहे हैं, जिसे लेकर सियासी गलियारों में खूब चर्चा है। आनंद शर्मा का कांगड़ा से क्या संबंध है यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। भाजपा प्रत्याशी के मुद्दे पर कांग्रेस को चुनाव प्रचार में घेर सकती है। क्योंकि भाजपा ने नूरपुर से संबंध रखने वाले डॉ. राजीव भारद्वाज को प्रत्याशी बनाया है।
अब बाली के कंधो पर आनंद शर्मा को जितवाने की जिम्मेदारी:
अंदरखाते मामला यह है कि रघुबीर सिंह बाली अपनी विधानसभा के लोगों के लिए समय देना चाह रहे थे। अभी विधायक के तौर पर उनका लंबा कार्यकाल बचा है और वे नगरोटा से पहली बार के विधायक हैं। हालांकि पार्टी ने उनका नाम यहां से पहले नंबर पर रखा था, लेकिन बाली की मंशा भाप आलाकमान ने यहां से आनंद शर्मा का नाम फाइनल करना ही उचित समझा। अब बाली के कंधो पर आनंद शर्मा को जितवाने की जिम्मेदारी आ गई है।
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कोट्स:
पार्टी हाईकमान ने आनंद शर्मा को प्रत्याशी बनाया है, हाईकमान के फैसले का स्वागत है। बतौर सिपाही प्रत्याशी की जीत के लिए चुनाव प्रचार में पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ काम करेंगे। कांग्रेस ने मंडी और हमीरपुर सीट से राजपूत, शिमला से एससी और कांगड़ा से ब्राह्मण प्रत्याशी देकर जातीय संतुलन बनाने का काम किया है।
-करण सिंह पठानिया, अध्यक्ष, जिला कांग्रेस कमेटी धर्मशाला।

भाजपा तो शुरू से कह रही है कि कांग्रेस के प्रत्याशी नहीं हैं। जब कांगड़ा-चंबा के सभी कांग्रेसजनों ने चुनाव लड़ने से इंकार कर दिया तो अब मजबूरीवश कांग्रेस हाईकमान ने आनंद शर्मा को प्रत्याशी उतार दिया है। लेकिन बतौर केंद्रीय मंत्री उन्होंने कांगड़ा के लिए कुछ नहीं किया। कांग्रेस हाईकमान ने बाहरी प्रत्याशी लाद कर उन्होंने केवल औपचारिकता निभाई है।
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-सचिन शर्मा, अध्यक्ष, जिला भाजपा कांगड़ा।
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