धर्मशाला। जिले के प्रमुख शक्तिपीठों सहित सरकार की ओर से अधिकृत मंदिरों के विकास और सौंदर्यीकरण के लिए मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा। इस बाबत सभी उपमंडलाधिकारियों को इस दिशा में त्वरित कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। धर्मशाला में मंदिर न्यासों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त हेमराज बैरवा ने कहा कि ज्वालामुखी मंदिर के सौंदर्यीकरण के लिए एनआईटी हमीरपुर के विशेषज्ञों के सहयोग से संपर्क किया गया है। इसी तरह चामुंडा और ब्रजेश्वरी व डमटाल मंदिरों के लिए विशेषज्ञ एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर मास्टर प्लान तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। उपायुक्त ने कांगड़ा के बज्रेश्वरी धाम की बाण गंगा में आरती आरंभ करने के लिए भी उपयुक्त कदम उठाने के दिशा-निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही ज्वालामुखी के भैरव, अष्टभुजा तथा तारा देवी मंदिर के उचित रखरखाव के लिए भी आवश्यक निर्देश दिए। सभी मंदिरों में चरणबद्ध तरीके से ऑनलाइन लंगर बुकिंग और ऑनलाइन दर्शन जैसी डिजिटल सेवाएं भी सुविधा आरंभ की जाएंगी। बैरवा ने मंदिर के चढ़ावे इत्यादि के रखरखाव की ओर भी विशेष ध्यान देने तथा नियमित तौर पर भंडारण कक्ष का निरीक्षण करने के निर्देश भी संबंधित मंदिर अधिकारियों को दिए हैं। उन्होंने प्रमुख मंदिर मार्गों पर किए गए अतिक्रमण को हटाने के लिए भी कारगर कदम उठाने के लिए कहा है। इस अवसर पर मंदिर न्यासों के माध्यम से संचालित किए जा रहे गोसदनों को लेकर भी चर्चा की गई। उन्होंने मंदिर न्यासों में ऑडिट पैरा के निपटारे के लिए भी उचित कदम उठाने के लिए कहा गया है। इस अवसर पर एडीएम शिल्पी बेक्टा, एसडीएम ज्वालामुखी संजीव कुमार, एसडीएम इंदौरा, एसडीएम बैजनाथ, एसडीएम धर्मशाला और मंदिर अधिकारी मौजूद रहे।