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हरसर एसबीआई शाखा बंद करने के फरमान पर बिफरे उपभोक्ता

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अमर उजाला ब्यूरो
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जवाली (कांगड़ा)। भारतीय स्टेट बैंक की शाखा हरसर को बंद करने के फरमान के चलते पंचायत हरसर और पंचायत पनालथ के पंचायत प्रतिनिधियों और उपभोक्ताओं में भारी रोष है। पंचायत प्रतिनिधियों सहित खाताधारकों ने बैंक प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पंचायत हरसर और पंचायत पनालथ ने लोगों के हस्ताक्षर करवाकर एक प्रस्ताव पारित कर इसकी प्रतिलिपियां एजीएम धर्मशाला, डीजीएम शिमला और मुख्य कार्यालय चंडीगढ़ भेज दी हैं, जिसके माध्यम से मांग की गई है कि भारतीय स्टेट बैंक शाखा हरसर को विलय न किया जाए अन्यथा लोग धरना-प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे। ग्राम पंचायत हरसर के प्रधान देस राज, पूर्व प्रधान हाकम सिंह, पूर्व प्रधान अनीता चौधरी, उपप्रधान विनोद कुमार, पूर्व उपप्रधान मोहन सिंह मोनू, पंचायत पनालथ की प्रधान रेणू बाला, उपप्रधान रविंद्र सिंह कुटलेहड़िया, पूर्व प्रधान रंजना धीमान, पूर्व प्रधान सरोज रानी, पूर्व उपप्रधान दलेर सिंह, इच्छर सिंह, पीनू, संतोष कुमारी, सोम राज, रिंपी, मेघ राज, करनैल सिंह सहित सैकड़ों लोगों ने कहा है कि मौजूदा समय में हरसर शाखा में 10 हजार से भी अधिक खाते हैं, इसके अतिरिक्त सेलरी के तकरीबन 200-250 और करीब 600 पेंशनधारक हैं। अगर बैंक को बंद किया जाता है तो खाताधारकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। उपभोक्ताओं ने कहा कि अगर शाखा का विलय करना ही है तो फिर शाखा घाड़जरोट को हरसर शाखा के साथ विलय किया जाए, क्योंकि हरसर शाखा जवाली और नगरोटा सूरियां के बीच में पड़ती है। इससे दोनों तरफ के उपभोक्ताओं को कोई परेशानी नहीं होगी। उन्होंने कहा कि अगर हरसर शाखा को बंद किया गया तो उपभोक्ताओं सहित पेंशनधारकों को 11 किलोमीटर दूर जवाली या फिर 13 किलोमीटर दूर नगरोटा सूरियां बैंक के चक्कर काटने पड़ेंगे। पंचायत प्रतिनिधियों सहित उपभोक्ताओं ने चेताया है कि शाखा हरसर को बंद न किया जाए अन्यथा पंचायत प्रतिनिधियों सहित उपभोक्ता बैंक के बाहर धरना-प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे तथा किसी भी सूरत में बैंक का सामान नहीं उठाने दिया जाएगा।
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