कोटला (कांगड़ा)। बारिश न होने के कारण क्षेत्र के किसान और बागवान परेशान हो गए हैं। अभी तक किसानों ने गेहूं की फसल की बिजाई भी नहीं की है। फसल की बिजाई न होने से क्षेत्र के किसान इस कदर परेशान हैं कि अन्य रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों की ओर पलायन कर रहे हैं। वर्षा की दुआ मांगने लोग प्राचीन शिव मंदिर कोटला में भोलेनाथ के दरबार पहुंचे और पुरानी मान्यता के अनुसार शिवलिंग को नहलाकर इस पानी को देहर नदी से मिलाया गया ताकि वर्षा हो और सूखे की मार झेल रहे लोगों को राहत मिले। सदियों से लोगों की मान्यता है कि प्राचीन शिव मंदिर कोटला के शिवलिंग को पानी से पूरी तरह भरकर इस पानी को देहर नदी के जल से मिलाने से वर्षा अवश्य होती है। शिवलिंग जलाभिषेक से जलधारा को देहर नदी में मिलाने के कार्य में अजय, तिलक, विवेक, पूर्व उपप्रधान केवल जरियाल, सोहण सिंह, ओंकार सिंह, कृष्ण, विवेक, शौर्य, अजय, सौरभ गुलेरिया आदि ने सहयोग किया।