दोस्त के साथ गुम पर्स को ढूंढने निकला था शिवा
मजदूर मां-बाप के इकलौते बेटे की हादसे में मौत
डमटाल में मजदूरी करता है मध्य प्रदेश का परिवार
स्वरूप धीमान
कंडवाल (कांगड़ा)। इकलौते बेटे की मौत के बाद सैकड़ों किलोमीटर दूर से आकर मजदूरी कर परिवार का पालन कर रहे परिवार पर दुखों को पहाड़ टूट पड़ा। डमटाल सड़क हादसे का ग्रास बना शिवा अपने मजदूर मां-बाप की इकलौती औलाद थी, जो मध्य प्रदेश से यहां एक उद्योग में मजदूरी कर जीवन यापन कर रहे थे। मजदूर कालू राम और कमला देवी का बेटा शिवा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला मोटली में जमा दो कक्षा की परीक्षाएं दे रहा था। बताया जा रहा है कि मंगलवार देर शाम शिवा का पर्स कहीं गुम हो गया था। पर्स को ढूंढने के लिए वह अपने दोस्त के साथ पठानकोट-जालंधर एनएच पर स्कूटी पर पीछे बैठकर जा रहा था कि तभी लोहे के गार्डर लेकर एनएच क्रॉस कर रहे मजदूरों की ओर से उठाए गार्डर की चपेट में आ गया। हादसे में शिवा की मौत होने के कारण मजदूर मां-बाप के बुढ़ापे का सहारा उनसे हमेशा के लिए छीन गया।