पालमपुर (कांगड़ा)। पालमपुर में कांग्रेस के टिकट को लेकर पिछले पांच दिन से चली कभी हां तो कभी न पर आखिर, विस अध्यक्ष बृज बुटेल के बेटे और प्रदेश कांग्रेस सचिव आशीष बुटेल के नाम पर टिकट की मुहर लग ही गई। पालमपुर में कांग्रेस के टिकट का पिछले पांच दिन से दिल्ली में पेच फंसा हुआ था। हालांकि, कांग्रेस कमेटी ने विस अध्यक्ष बृज बुटेल का नाम पहली ही लिस्ट में फाइनल किया था, लेकिन बृज बुटेल इस बार चुनाव न लड़ कर अपने बेटे आशीष को चुनाव लड़वाना चाहते थे। आशीष बुटेल की टिकट की दावेदारी पर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के करीबी और उनके आईटी सलाहकार गोकुल बुटेल भी लाइन में थे। लिहाजा, आशीष बुटेल और गोकुल बुटेल में टिकट को लेकर खींचतान चलती रही। इस पर बुटेल अपने बेटे आशीष पर तो दूसरा खेमा गोकुल को टिकट देने पर अड़ता रहा, जबकि विस अध्यक्ष बुटेल की नाम पर सब राजी थे। लेकिन, बुटेल चुनाव नहीं लड़ना चाहते थे। लिहाजा, दिल्ली में पांच दिन से आशीष और गोकुल के नाम पर सह और मात का खेल चलता रहा। सूत्रों की मानें तो शनिवार को आशीष बुटेल का टिकट फाइनल हो गया। इसे देख कर कांग्रेस ने रविवार को पालमपुर में रैली की तैयारी भी कर थी। आशीष समर्थक शनिवार को डाढ़ में उनके स्वागत पूरे तैयार रहे, लेकिन शनिवार को अचानक फिर से आशीष के नाम टिकट पर मुहर नहीं लगी और कार्यकर्ता फिर से मायूस दिखे। लेकिन, आखिर बृज बुटेल अपने बेटे को टिकट दिलवाने में कामयाब हो ही गए। उधर, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. मदन दीक्षित ने कहा कि आशीष बुटेल 23 अक्तूबर सोमवार को अपना नामांकन भरेंगे।