धर्मशाला (कांगड़ा)। ग्राम पंचायत सौकणी दा कोट के अंबेदकर भवन में जिला हिमालयन गद्दी यूनियन की बैठक मंगत राम की अध्यक्षता में हुई। इसमें जिला कांगड़ा के विभिन्न क्षेत्रों से गद्दी बाढ़ी, गद्दी हाली, गद्दी धौगरी और गद्दी सिप्पी आदि उपजातियों के लोगों ने भाग लिया। बैठक में चर्चा की गई कि गद्दी समुदाय से संबंध रखने वाली इन उपजातियों को हमेशा से ही उपेक्षा का शिकार होना पड़ा है। इस दौरान सभी उपजातियों के प्रतिनिधियों ने कहा कि प्रदेश की सरकारों ने इन उपजातियों का चुनावों के दौरान भरपूर उपयोग किया है, लेकिन जब हक-हकूक दिलाए जाने की बात आती है तो सभी दल इन उपजातियों के बारे में सोचते तक नही हैं। बैठक में बाढ़ी समुदाय संगठन के अध्यक्ष मंगत राम ने कहा कि इन उपजातियों के लोगों ने जनजातीय दर्जा देने के लिए सभी सरकारों से कई बार गुहार लगाई, लेकिन किसी भी सरकार ने इसके बारे में कदम नहीं उठाया। जिले के गद्दी राजपूत और गद्दी ब्राह्मणों को ही जनजातीय दर्जा दिया गया और इन उपजातियों को अलग कर दिया गया। बैठक में हिमालयन गद्दी यूनियन का चुनाव भी करवाया गया। इसमें खन्यारा के रमेश को अध्यक्ष, धर्मशाला से मंगत राम को उपाध्यक्ष, बैजनाथ से राज कपूर को सचिव, गमरू से प्रताप और चांदमारी से सुरेश को कोषाध्यक्ष मनोनीत किया गया। पवन कुमार, सुरेश कुमार, दर्शन सिंह, जागृत सिंह, महिंद्र सिंह, कुलदीप कुमार, गगन कुमार और संयोगिता देवी को कार्यकारिणी सदस्य बनाया गया। कार्यकारिणी ने निर्णय लिया कि यदि कोई भी राजनीतिक दल इन चुनावों में गद्दी उपजातियों को जनजातीय दर्जा दिलाने को अपने घोषणापत्र में शामिल नहीं करता है तो हिमालयन गद्दी यूनियन सभी उपजातियों के साथ इन चुनावों का बहिष्कार करेगी। बैठक में धर्मशाला, गमरु, चांदमारी, नड्डी, करेरी, कुठारना, पालमपुर, बैजनाथ, उतराला, शाहपुर, खन्यारा, सिद्धबाड़ी, थातरी आदि क्षेत्रों से लोगों ने भाग लिया।