एससीएसटी एक्ट पर केंद्र के विरोध में उठने लगे स्वर
सुप्रीम कोर्ट का फैसला बदल कर सामान्य वर्ग से किया अन्याय
पालमपुर में सर्व सामान्य वर्ग ने हिमाचल बंद करने की बनाई रणनीति
अमर उजाला ब्यूरो
पालमपुर (कांगड़ा)। केंद्र सरकार के एससी एसटी एक्ट के विरोध में सर्व सामान्य वर्ग में अब विरोध के स्वर उठने शुरू हो गए हैं। यह विरोध के सुर सामान्य वर्ग में सुप्रीम कोर्ट के एससी एसटी एक्ट के सुनाए गए फैसले को केंद्र सरकार की ओर से बदलने पर शुरू हुए हैं। इससे सामान्य वर्ग ने छह अक्तूबर से हिमाचल बंद करने का ऐलान कर सर्व सामान्य वर्ग से इस बंद में शामिल होने की अपील की है। इस संबंध में सर्व सामान्य वर्ग की एक बैठक पालमपुर में हुई। उसके बाद पत्रकारों से बात करते हुए राजपूत सभा के अध्यक्ष जगरूप राणा, ब्राह्मण कल्याण परिषद एवं ब्राह्मण सभा के अध्यक्ष शांति शर्मा और सूद सभा के अध्यक्ष भुवनेश सूद ने पत्रकारों से बात में कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने एससी एसटी एक्ट की उन धाराओं को माननीय उच्चतम न्यायालय ने निरस्त किया था। इनके तहत सामान्य वर्ग की ओर से जाति सूचक शब्द कहे जाने पर बिना जांच गिरफ्तार किए जाने पर और अग्रिम जमानत न दिए जाने से सामान्य वर्ग के लोगों के मूल अधिकारों का हनन किया गया था। उस कानून से हजारों लोगों को बेवजह जेल जाना पड़ा था। इससे सामान्य वर्ग के लोगों ने राहत की सांस ली थी, लेकिन केंद्र सरकार ने दो चार कथित नेताओं के दबाव में आकर संसद में विधेयक लाकर न केवल उच्चतम न्यायालय के इस फैसले को निरस्त कर सवर्णों को जेल भेजने के लिए हानिकारक धाराओं को भी जोड़ दिया। जिसका सर्व सामान्य वर्ग विरोध करता है और कोई फैसला नहीं हुआ तो लोस चुनाव का बहिष्कार किया जाएगा। बैठक प्रीतम भारती, नरेंद्र शर्मा, रमेश भाऊ, नरेंद्र पठानिया, कंवर भान, कश्मीर सिहं पटियाल, अधिवक्ता मिलाप सिंह राणा, युद्ववीर कटोच, अमर सिंह राणा, एसएस कटोच, मुख्तार परमार, एमएस राणा, कैप्टन सतीश शर्मा, रमन शर्मा समेत कई लोग मौजूद रहे।