शिक्षकों के साथ न्याय नहीं हुआ तो होगा आंदोलन
अनुबंध से नियमित हुए अध्यापक संघ ने जताया रोष
अमर उजाला ब्यूरो
पालमपुर (कांगड़ा)। प्रदेश अनुबंध से नियमित हुए अध्यापक संघर्ष मोर्चा ने नियमित हुए अध्यापकों के साथ हो रहे भेदभाव के खिलाफ रोष व्यक्त किया है। अध्यापक संघर्ष मोर्चा के अनुसार उन्हें पहले ही साढ़े छह साल बाद नियमित किया। न तो वरिष्ठता का लाभ दिया और नहीं ही वेतन वृद्धियां दी गईं। इससे वे असमानता के शिकार हुए हैं, जिसे सहन नहीं किया जाएगा। संघर्ष मंच के सदस्य प्रवीण कुमार, अरुण कानूनगो, चरणजीत संधू, शैलेंद्र सूद, दिनेश पठानिया, वंदना अवस्थी, अंजू बाला, कल्पना देवी, सुनीता देवी, यशवीर सिंह, संजीव मगोत्रा, मुनीष शर्मा, विनोद कुमार और अजय अवस्थी ने कहा कि मंच ने विभिन्न सरकारों से सभी अध्यापकों के लिए एक पॉलिसी का हिस्सा मानते हुए उन्हें भी तीन साल की अनुबंध नीति का लाभ देने की मांग उठाई लेकिन किसी भी सरकार ने उनकी अब तक कोई सुध नहीं ली। लिहाजा वे मानसिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित होकर अब संघर्ष करने के लिए मजबूर हैं। कहा कि जब भी किसी पॉलिसी में संशोधन होते हैं तो उसके लाभ आगे नियुक्त होने वालों को मिलते हैं। मंच के सदस्यों ने सरकार से मांग की है कि उनके साथ न्याय किया जाए अन्यथा वे अपनी आवाज उठाने में मजबूर हो जाएंगे।