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काजल ने उठाया ओबीसी बैकलाग का मुद्दा

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काजल ने उठाया ओबीसी बैकलाग का मुद्दा
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विधायक ने सदन में कई मुद्दों पर की चर्चा
कांगड़ा। विधायक पवन काजल ने प्रदेश सरकार से एससी, एसटी की तर्ज पर विभिन्न विभागों में रिक्त पड़े ओबीसी कोटे के बैकलॉग को शीघ्र भरने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि जिला कांगड़ा में लगभग 56 फीसदी और प्रदेश में 25 फीसदी आबादी ओबीसी वर्ग की है। भारतीय संविधान के 93वें संशोधन में अनुछेद 15 की धारा पांच के अंतर्गत केंद्रीय शिक्षण संस्थानों में अन्य राज्यों में ओबीसी को 27 फीसदी आरक्षण दिया जा रहा है। पूर्व सरकार ने एससी, एसटी का जो बैकलॉग भरा था, उसी की तर्ज पर तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने 9 अप्रैल 2017 को ओबीसी का विभिन्न विभागों में रिक्त बैकलॉग भरने की अधिसूचना जारी की तई। उसके बावजूद अभी तक इस वर्ग के बेरोजगारों को नौकरियां नहीं मिल पा रही हैं। ऐसे में प्रदेश सरकार की अनदेखी का खामियाजा भाजपा को वर्ष 2019 में होने वाले लोकसभा चुनावों में भुगतना पड़ सकता है। काजल ने कहा कि आयुर्वेद और बीएससी नर्सिंग में दाखिले के दौरान ओबीसी को 18 फीसदी आरक्षण दिया जा रहा है लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बावजूद एमबीबीएस, एग्रीकल्चर विवि में ओबीसी को कोई आरक्षण नहीं दिया जा रहा है। इसके चलते इस वर्ग के शिक्षित युवा पिछड़ रहे हैं। इन शिक्षण संस्थानों में आरक्षण के नाम पर बंदरबांट हो रही है। उन्होंने कहा कि गग्गल में आईटी पार्क के निर्माण के लिए पूर्व कांग्रेस शासन में जगह संबंधी सारी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं। बजट में आईटी पार्क के लिए 12 करोड़ का प्रावधान करने पर काजल ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का आभार जताते हुए शीघ्र इसका निर्माण कार्य शुरू करने की मांग की। काजल ने सदन में सिविल अस्पताल कांगड़ा में लंबे समय से खाली चल रहे डॉक्टरों के पदों के मुद्दे को भी उठाया। काजल ने कहा प्रदेश सरकार ने सिविल अस्पताल के लिए 8 डाक्टरों के पद स्वीकृत किए हैं। पूर्व कांग्रेस कार्यकाल में पांच विशेषज्ञ डॉक्टर तैनात थे और अस्पताल में रोजाना ओपीडी 950 से एक हजार प्रतिदिन थी लेकिन भाजपा सरकार बनते ही यहां से विशेषज्ञ डॉक्टरों को एकाएक बदल दिया। अब अस्पताल में तीन डाक्टर हैं और फार्मासिस्ट का पद भी खाली है। अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की मशीन होने के बावजूद रोगियों को सुविधा नहीं मिल रही है। उन्होंने प्रदेश सरकार से अस्पताल में स्त्रीरोग, सर्जन, एमडी मेडिसन और रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती करने की मांग की। उन्होंने राजकीय डिग्री कॉलेज मटौर में भवन और पलम तथा चंगर क्षेत्र में करोड़ों से बनने बाली पेयजल योजनाओं का निर्माण कार्य शीघ्र शुरू करने की मांग भी सदन में उठाई।
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