पालमपुर (कांगड़ा)। स्कूलों में बरसात की छुट्टियाें के समय को लेकर स्कूली बच्चों के अभिभावक खफा हैं। अभिभावकों का आरोप है कि बरसात में छुट्टियां 15 जुलाई से अगस्त माह तक होनी चाहिए, लेकिन शिक्षा विभाग अपने पुराने नियमों पर ही चला हुआ है। लोगों का कहना है कि सही मायने में बरसात 15 या 20 जुलाई के बाद शुरू होती है, लेकिन शिक्षा विभाग एक जुलाई से ही स्कूल बंद कर देता है। अब एक अगस्त से सरकारी और निजी स्कूल खुल गए हैं, लेकिन लगातार बारिश में बच्चों को स्कूल पहुंचना मुश्किल हो रहा है। वहीं, अभिभावक भी बच्चों को लेकर खासे परेशान हैं। पिछले चार दिन से लगातार हो रही बारिश से प्रदेश भर में कई जगहों पर भारी नुकसान हुआ है, वहीं, नाले और खड्डें भी उफान पर हैं। बच्चे सुबह भारी बारिश में स्कूल जा रहे हैं। शिक्षा विभाग ने एक जुलाई से स्कूल बंद कर दिए थे, लेकिन बारिश का दौर अब शुरू हुआ है। लोगों का कहना है कि शिक्षा विभाग को 15 या 20 जुलाई के बाद अगस्त माह तक स्कूलों में छुट्टियां करनी चाहिए, ताकि भारी बारिश से बच्चों को कोई परेशानी या नुकसान न हो। प्रदेश में हर साल ग्लोबल वार्मिंग से मौसम के बदलाव को देख अब शिक्षा विभाग और सरकार को भी बरसात की छुट्टियों के समय में तबदीली कर देनी चाहिए। अभिभावकों मिलाप चंद, सरवन कुमार, उत्तम कुमार, प्रवीण कुमार, पुरुषोत्तम राणा, विपिन कुमार, परस राम, संजय कुमार, नरेश कुमार समेत कई अभिभावकों का कहना है कि प्रदेश शिक्षा विभाग गलत समय पर बरसात की छुट्टियां देता है। इसमें तबदीली होनी चाहिए। हालांकि, कई निजी स्कूलों में 10 अगस्त तक अवकाश है।