अमर उजाला ब्यूरो
परागपुर (कांगड़ा)।
कृषि सहकारी सभा समिति परागपुर में पूर्व सचिव की ओर से कथित रूप से की गई धनराशि की गड़बड़ की वसूली के लिए संपत्ति नीलाम होनी थी। संपत्ति की नीलामी के लिए समाहर्ता एवं उपपंजीयक धर्मशाला सुधीर कटोच भी उपस्थित रहे। लेकिन, उनकी मौजूदगी में आरोपी पूर्व सचिव ने डेढ़ लाख रुपये मौके पर जमा करवाए। बकाया तीन लाख पचास हजार रुपये 15 फरवरी 2018 से पहले जमा कराने का उसने करार किया। वर्ष 2003 में परागपुर सहकारी सभा में 4 लाख 43 हजार रुपये की गड़बड़ी हुई थी। सभा ने 15 सितंबर 2003 में सहायक पंजीयक देहरा के पास मामले को लेकर केस कर दिया। इसके बाद मामला 28 सितंबर 2010 को समाहर्ता एवं उपपंजीयक धर्मशाला के पास चला गया था। इस पर 16 दिसंबर को पूर्व सचिव की संपत्ति के कुर्की के आदेश जारी किए गए थे। लेकिन, पूर्व सचिव ने नीलामी के दिन पांच लाख रुपये में से डेढ़ लाख रुपये जमा करवाए जाने पर नीलामी प्रक्रिया 15 फरवरी 2018 तक स्थगित कर दी गई। फिलहाल कुर्की रोक दी गई, लेकिन बकाया धनराशि उसे निर्धारित समय में जमा करवानी होगी। परागपुर का यह मामला कई वर्षों से सुर्खियों में था।