फर्जीवाड़े से जमीन हथियाने पर चार को सजा
दो को चार-चार और दो को दो-दो साल कारावास
अमर उजाला ब्यूरो
नूरपुर (कांगड़ा)। एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट नूरपुर कनिका चावला की अदालत ने फर्जीवाड़े से अपने हिस्सेदार की जमीन हथियाने के मामले में फैसला सुनाते हुए दो आरोपियों को चार-चार और दो अन्य आरोपियों को दो-दो साल की कठोर कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है। सहायक जिला न्यायवादी तरसेम कुमार ने बताया कि शिकायतकर्ता राज रानी पत्नी अश्वनी कुमार निवासी जसूर तहसील नूरपुर जिला कांगड़ा (हिप्र) ने 21 मई 2005 को नूरपुर पुलिस थाने में आरोपी अनिल कुमार पुत्र योगेश चंद निवासी जसूर, सुदेश कुमारी पत्नी योगेश चंद, युगल पुत्र कर्म चंद निवासी फतेहपुर, रतन चंद निवासी कोपड़ा, कुलतार सिंह निवासी गांव गुरियाल के खिलाफ फर्जीवाड़ा कर उसके पति के हिस्से की जमीन हड़पने की एफआईआर दर्ज करवाई थी। इसमें पुलिस ने भादंसं की धारा 419, 420, 465, 468, 471 और 120 वी के तहत मामला दर्ज किया था। शिकायतकर्ता के मुताबिक उसका पति अश्वनी कुमार घड़साना में मुरब्बे की देखरेख के सिलसिले में ज्यादा राजस्थान ही रहता था, जबकि उनकी जसूर में खाता नंबर 180 कुछ जमीन थी और आरोपी अनिल कुमार भी जमीन में हिस्सेदार था लेकिन आरोपी अनिल कुमार ने 2 सितंबर 2003 को फर्जीवाड़ा कर उसके पति अश्वनी कुमार की अनुपस्थिति में अपने मामा युगल पुत्र कर्म चंद को खड़ा कर जमीन का मुख्त्यार नामा अपनी माता सुदेश कुमारी के नाम बनवा लिया और बाद में सुदेश कुमारी ने 29 अक्तूबर 2003 में कागजों में अनिल कुमार को सेल कर दी। इस केस के दौरान सुदेश कुमारी की मौत हो गई। इस मामले की सुनवाई करते हुए एसीजेएम कनिका चावला की अदालत ने आरोपी अनिल कुमार और उसके मामा युगल को चार-चार साल की कठोर कारावास और अलग-अलग धाराओं के तहत 13-13 हजार रुपये जुर्माने तथा मुख्त्यारनामा बनवाने के समय गवाही देने वाले आरोपी रतन चंद और कुलतार सिंह को विभिन्न धाराओं के तहत दो-दो साल का कठोर कारावास और पांच-पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।