वीरभद्र-सुक्खू की लड़ाई से कार्यकर्ता आहत
नूरपुर में बोले प्रदेश कांग्रेस सचिव चंबियाल
अमर उजाला ब्यूरो
नूरपुर (कांगड़ा)। प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू के अध्यक्ष पद से हटने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और सुखविंद्र सुक्खू के बीच शुरू हुई जुबानी जंग से पार्टी के कार्यकर्ता काफी आहत हैं। दोनों की लड़ाई से पार्टी कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों और कैडर का मनोबल भी गिर रहा है। यह बात प्रदेश कांग्रेस के सचिव एवं जिला परिषद कांगड़ा के उपाध्यक्ष विशाल चंबियाल ने कही। प्रदेश कांग्रेस सचिव विशाल चंबियाल और संगठनात्मक जिला नूरपुर के अध्यक्ष कर्ण सिंह पठानिया ने संयुक्त वार्ता में कहा कि जिस प्रकार पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू और पार्टी पदाधिकारियों पर बयानबाजी कर रहे हैं, वह निराशाजनक और अनुशासनहीनता है। इस बाबत जल्द पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी और प्रदेश कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल से शिकायत करेंगे। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री को इस प्रकार की आधारहीन बयानबाजी करने की बजाय पार्टी को मजबूत करने और मार्गदर्शन करने के बारे में प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्त्ताओं को कूड़ा-कर्कट, कबाड़ और बेकार कहना बहुत ही शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि सुखविंदर सिंह सुक्खू पहले ऐसे पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष रहे जिन्होंने छह वर्ष तक सफल पार्टी अध्यक्ष के रूप में कार्यकाल पूरा किया। ऐसे पार्टी के अध्यक्ष को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री का उनके खिलाफ निचले स्तर की बयानबाजी करना बहुत हताशा का विषय है। इस मौके पर कांग्रेस संगठनात्मक जिला नुरपुर के अध्यक्ष कर्ण सिंह और कमल किशोर भी मौजूद थे।