धौलाधार परिसर में संगोष्ठी का आयोजन
धर्मशाला। केंद्रीय विश्वविद्यालय के धर्मशाला स्थित धौलाधार परिसर में सम्राट ललितादित्य व्याख्यानमाला का आयोजन किया गया। भारतीय समाज शास्त्र-वर्ण जाति और जनजाति का चक्रव्यू विषय पर आयोजित संगोष्ठी में डॉ. अमित ने कहा कि एक सामान्य भ्रम है कि भारतीय समाज की इकाई जातियां हैं, जबकि जातियों के अंदर पाई जाने वाली उपजातियां ही लंबे समय से भारतीय समाज की सबसे बड़ी सच्चाई है। भारतीय समाज को समझने के लिए जातियों की बजाय उपजातियों को केंद्र मानकर अध्ययन करना आवश्यक है। कहा कि इस्लामी आक्रमण के कारण भारतीय समाज में असुरक्षा की भावना फैली। इससे जातिगत जटिलताएं बढ़ गई हैं। लोगों ने उपजातियों के रूप में छोटे-छोटे समूह बनाए, जो भारतीय समाज को सबसे ज्यादा प्रभावित कर रहे हैं। इस मौके पर संगोष्ठी के संयोजक डॉ जयप्रकाश सिंह सहित विवि के शोधार्थी और विद्यार्थी मौजूद रहे।