किसान अपनाएं पारंपरिक जैविक खेती : संघ
नगरोटा बगवां में किया बैठक का आयोजन
अमर उजाला ब्यूरो
नगरोटा बगवां (कांगड़ा)। भारतीय किसान संघ हिमाचल प्रदेश ने प्रदेश के किसानों को आगाह करते हुए कहा कि वे अपने खेतों में ज्यादा उत्पादन के लालच में देसी गोबर के स्थान पर रासायनिक खाद और जहरीले कीटनाशकों को जरूरत से ज्यादा उपयोग कर रहे हैं। इससे खेत बंजर ही नहीं, जहर युक्त हो रहे हैं। जबकि इसका दुष्प्रभाव पर्यावरण पर भी पड़ रहा है। आने वाले समय में यह स्थिति मानव जीवन, समस्त प्राणी एवं वनस्पति जगत के लिए भी घातक होगी। सोमवार को संघ की नगरोटा बगवां खंड की बैठक कोषाध्यक्ष रोशन लाल की अध्यक्षता में हुई। इसमें संघ के हिमाचल प्रांत संगठन मंत्री हरि राम पवार विशेष रूप से मौजूद रहे। संघ के पदाधिकारियों ने किसानों से पारंपरिक जैविक खेती के लिए खेतों में गोबर आदि से निर्मित जैविक खाद का अधिक से अधिक प्रयोग करने का आह्वान किया। साथ ही कहा कि किसान पारंपरिक उन्नत किस्म के बीज ही अपने खेतों में बीजें, जिससे उच्च गुणवत्ता युक्त अनाज और सब्जियों एवं अन्य खाद्य पदार्थ सुलभ हो सकें। बैठक में किसान संघ के चुनाव भी करवाए गए। संगठन मंत्री हरि राम पवार बतौर निर्वाचन अधिकारी रहे। इस दौरान सर्वसम्मति से रवि कांत अभिलाषी को जिला प्रतिनिधि चुना गया। खंड कार्य समिति में पुरुषोत्तम पराशर सरोत्री को अध्यक्ष, सुदेश कुमार मूंदला को मंत्री, अजय सिंह राणा सुन्हीं को उपाध्यक्ष, आशा देवी मूंदला को महिला प्रमुख, अभिनेष कुमार को जैविक प्रमुख, रविंद्र कुमार को युवा प्रमुख और सुभाष कपूर कबाड़ी, अमर नाथ ठारू, सुभाष चौधरी दनोआ, कमल चौधरी सुनेहड़ और विनोद वर्मा सरोत्री को कार्यकारिणी सदस्य बनाया।