अमर उजाला ब्यूरो
ज्वालामुखी (कांगड़ा)। हिमाचल के शक्तिपीठों और धार्मिक स्थलों की अपनी अलग महता है ऐसे में इन स्थलों पर सरकार विशेष रूप से विकास को आगे ले जाने के लिए हर दम प्रयासरत रहती है। कांग्रेस के समय में ज्वालामुखी शक्तिपीठ को धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से देखते हुए करोड़ों रुपये की मल्टी स्टोरी पार्किंग जो कि एडीबी का प्रोजेक्ट है। तीन कॉलेज, 100 बेड का अस्पताल जो कि वायु ध्वनि प्रदूषण मुक्त स्वच्छ वातावरण और खुले स्थान पर बना है, उसे बदलना सही नहीं। इसके अलावा एसडीएम कार्यालय खोलकर इस धार्मिक स्थल को अधिक महत्व देते हुए नई विकास की इबारत लिखी गई है। यह बात ज्वालामुखी मंदिर दर्शनों के लिए पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने अनौपचारिक वार्ता में कही। उन्होंने कहा कि पूर्व विधायक संजय रतन के प्रयासों को पूर्व कांग्रेस सरकार ने आगे बढ़ाने का कार्य किया, लेकिन अब भाजपा विधायक उन कामों को रुकवा रहे हैं। यह सही मानसिकता का परिचायक नहीं है। जो कार्य प्रगति पर हैं उन्हें पूरा होने देना चाहिए और क्षेत्र के लिए और ज्यादा नए कार्य शुरू करने चाहिए, ताकि क्षेत्र की तरक्की हो। न कि ऐसा प्रयास होना चाहिए की क्षेत्र पिछड़ जाए। उन्होंने कहा कि ज्वालामुखी क्षेत्र में बाहरी राज्यों से पर्यटक श्रद्धालु पहुंचते हैं उनके लिए विशेष सुविधाएं मुहैया करवाया जाना हर किसी का दायित्व है। ऐसे में कांग्रेस ने पूरा प्रयास किया कि श्रद्धालुओं की सुविधाओं को और इजाफा हो।