देहरागोपीपुर (कांगड़ा)। मानव और तेंदुए के बीच टकराव को रोकने के लिए वनमंडल देहरा की ओर से सर्वेक्षण और उपायों के बारे में कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में चर्चा की गई कि इन दिनों तेंदुए का आवासीय स्थानों पर आना और पालतू पशुओं तथा लोगों पर हमले करना आम बात हो गई है। डीएफओ देहरा हरजीत सिंह मनकोटिया ने बताया कि इस टकराव का मुख्य कारण तेंदुए के जंगल में भोजन के लिए जंगली जानवरों की कमी और आश्रय को अनुकूल परिस्थितियों का न होना है। इस टकराव को रोकने के लिए परिस्थितियों में सुधार लाना आवश्यक है। इसके लिए देहरा वनमंडल में तीन दिवसीय सर्वेक्षण 12 से 14 दिसंबर तक किया जा रहा है। सर्वेक्षण को सफलतापूर्वक करवाने के लिए वीरवार को कार्यशाला का आयोजन देहरा वन विभाग के विश्राम गृह में करवाया गया। कार्यशाला में देहरा वनमंडल के सभी क्षेत्रीय कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। प्रशिक्षण करवाने के लिए वनमंडल अधिकारी हमीरपुर (वन्य प्राणी) कृष्णा कुमार, वन अरण्यपाल हमीरपुर अनिल जोशी, वनमंडलाधिकारी हमीरपुर प्रीति भंडारी, वनमंडल अधिकारी हमीरपुर केके गुप्ता, डीएफओ चंबा संजय धीमान, वन सहायक अरण्यपाल वन्य प्राणी अरुण कुमार आदि उपस्थित रहे।