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नूरपुर हादसे के बाद भी नहीं जागा जिला प्रशासन:शांता

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नूरपुर हादसे के बाद भी नहीं जागा प्रशासन : शांता
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बढ़ते सड़क हादसों पर सांसद अधिकारियों से खफा
प्रशासन दिखाता निपुणता तो स्कूल बस चालक कैसे पीता शराब
अमर उजाला ब्यूरो
पालमपुर (कांगड़ा)। कांगड़ा में बढ़ रहे सड़क हादसों पर पूर्व मुख्यमंत्री एवं सांसद शांता कुमार ने जिला अधिकारियों के प्रति गहरा रोष प्रकट किया है। उनका कहना है कि नूरपुर में हुए इतने बड़े हादसे के बाद भी अधिकारी नहीं जागे हैं। नूरपुर हादसे के बाद यातायात व्यवस्था में निपुणता आनी चाहिए, लेकिन इतना बड़ा हादसा होने के बाद भी नहीं आई है। अन्यथा, एक स्कूल बस चालक शराब पीकर गाड़ी कैसे चलाता। इससे एक व्यक्ति की मौत हो गई। नूरपुर हादसे से लोगों के आंसू अभी सूखे नहीं और गगल में एक स्कूल के ही ड्राइवर ने शराब पीकर दुर्घटना कर दी। इससे एक व्यक्ति की मौत हो गई। एक अन्य सड़क हादसे में नगरोटा के एसडीएम की पत्नी का भी निधन हो गया। नूरपुर दुर्घटना के बाद शराब पीकर गाड़ी चलाने की किसी को हिम्मत कैसे हुई। इस संबंध में पहले भी पूरी सख्ती बरती गई होती तो नूरपुर दुर्घटना भी टल सकती थी। सड़क हादसे में एसडीएम की पत्नी की मौत से साफ लगा कि दोनों गाड़ियां तेज गति में थीं। विशेषज्ञों के अनुसार 85 प्रतिशत सड़क दुर्घटनाएं लापरवाही और नियमों का पालन न करने से होती हैं। इस संबंध में प्रशासन इतनी सख्ती करे कि किसी को भी नियम तोड़ने की हिम्मत न हो। यातायात नियम तोड़ने वाले लोग तो अपराधी हैं हीं, नियमों को सख्ती से लागू न करवा पाने वाले संबधित अधिकारी भी उतने ही अपराधी हैं। शांता ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से आग्रह किया है कि पूरे प्रदेश में प्रशासन सख्ती से यातायात नियमों का पालन करें, तभी बहुत सी दुर्घटनाएं रुक सकती हैं।
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