महाकाल और पपरोला के अवेरी तक सभी गांव टीसीपी के अधीन
निर्माण कार्यों के लिए टीसीपी की अनुमति लेना अनिवार्य होगा
राज कुमार सूद
बैजनाथ (कांगड़ा)। नगर पंचायत बैजनाथ पपरोला के तहत आने वाले टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (टीसीपी) एरिया के दायरे को बढ़ा दिया गया है। गत 20 अगस्त को विभाग के प्रधान सचिव देवेश कुमार की ओर से जारी आदेशों के तहत अब बैजनाथ पपरोला नप के साथ लगते 12 अन्य गांवों को टीसीपी में शामिल किया गया है। इस अधिसूचना के अनुसार बैजनाथ एरिया के शीतला देवी, उपरली और बुरली कुंसल, ठारा, चकोल, मंधोल, महाकाल और पानसुआ गांवों सहित पपरोला के भेठ उपरली, घोड़पीठ, अबेरी और कुकैन गांवों को शामिल किया गया है। इस प्रकार टीसीपी में शामिल इन 12 गांवों में करीब 20 हजार की आबादी है। इसमें 911 हेक्टेयर क्षेत्र आएगा। बैजनाथ पपरोला नप और उसके साथ लगते कुल 30 गांव टीसीपी के दायरे में आ गए हैं। इन गांवों के लोगों को किसी भी प्रकार के निर्माण कार्यों के लिए टीसीपी की अनुमति लेना अनिवार्य होगा। माना जा रहा है कि पिछले कुछ वर्षों से इन क्षेत्रों में बड़ी संख्या में निर्माण कार्य हुए हैं और उसी को देखते हुए इन गांवों को टीसीपी में शामिल किया गया है। अब एक योजना के तहत ही लोग विभाग की अनुमति मिलने पर निर्माण कार्यों को अंजाम दे सकेंगे।उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में नप के दायरे में वृद्धि करके नगर परिषद का दर्जा मिल सकता है। 25 हजार संख्या वाली बैजनाथ पपरोला नप प्रदेश की सबसे बड़ी नप में शामिल है। उधर, असिस्टेंट टाउन प्लानर निशांत शर्मा ने बताया कि इस अधिसूचना के राजपत्र में आने के बाद ही पूरा पता चलेगा।