धर्मशाला (कांगड़ा)। पूर्व मंत्री किशन कपूर ने कहा है कि स्काई-वे प्रोजेक्ट का विरोध नहीं करते हैं, लेकिन, स्काई-वे प्रोजेक्ट के लिए प्रदेश सरकार ने जिस कंपनी से एमओयू किया है वह कंपनी संदेह के घेरे में है। प्रोजेक्ट के लिए कंपनी के पास न ही कोई अनुभव है और न ही प्रदेश सरकार ने इसकी तकनीकी स्टडी की है। इससे इस प्रोजेक्ट से लोगों की सुरक्षा को भी नजरंदाज किया गया है। कपूर ने गुरुवार को धर्मशाला में प्रेस वार्ता में कहा कि प्रदेश में भाजपा सरकार बनते ही स्काई-वे प्रोजेक्ट की जांच की जाएगी। साथ ही दोषियों को सजा भी दी जाएगी। कहा कि किसी भी प्रोजेक्ट के लिए बाहरी देशों में जाने के लिए पहले केंद्र सरकार की अनुमति लेनी पड़ती है। लेकिन, स्काई-वे प्रोजेक्ट के लिए मंत्री और अधिकारी कंपनी के खर्चे पर विदेश गए। इससे मंत्री और कंपनी की प्रोजेक्ट को लेकर मंशा साफ जाहिर होती है। इससे इस प्रोजेक्ट पर ही प्रश्नचिन्ह लग रहे हैं। इतना ही नहीं, देश भर के परिवहन विशेषज्ञ भी इस प्रोजेक्ट पर सवाल खड़े कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट के संबंध में मुख्यमंत्री के सलाहकार से पूछा गया, तो वह इसे सुधीर का प्रोजेक्ट करार दे रहे हैं। इससे साफ जाहिर होता है कि सुधीर सरकार का हिस्सा नहीं, जबकि वह प्राइवेट लिमिटेड कंपनी चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि करीब ढाई करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट पर प्रदेश की जनता का पैसा लगना है। इसलिए उनके पैसों से ही उनकी सुरक्षा से खिलवाड़ होने नहीं दिया जा सकता।