अमर उजाला ब्यूरो
देहरागोपीपुर (कांगड़ा)। भुवनेश डोगरा स्टेडियम में पूर्व सैनिकों की बैठक सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट कर्नल मनीष धीमान की अध्यक्षता में हुई। बैठक में पूर्व सैनिकों की समस्याओं पर चर्चा की गई। बैठक में पूर्व सैनिकों ने सीएसडी कैंटीन और ईसीएचएस के लंबित भवन निर्माण के मुद्दे को जोर-शोर से उठा उठाया। उन्होंने बताया कि सीएसडी कैंटीन और ईसीएचएस भवन का शिलान्यास तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने 21 फरवरी 2015 को देहरा में किया था, लेकिन इसके भवन निर्माण में तरह-तरह की परेशानियों के कारण निर्माण आज दिन तक शुरू नहीं हो पाया है। सीएसडी कैंटीन और ईसीएचएस के लिए जमीन पर बिजली विभाग का एक ट्रांसफार्मर स्थापित है। उस ट्रांसफार्मर को हटाने के लिए बिजली बोर्ड ने उनसे सात से 10 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान लगाया है। उन्होंने बताया कि यह एक बड़ी रकम है जिसे दे पाना मुश्किल है। पूर्व सैनिकों का कहना था कि कैंटीन और ईसीएचएस एक वेलफेयर प्रोजेक्ट है। पूर्व सैनिक भी हिमाचल के नागरिक हैं और वर्तमान सरकार से आग्रह है कि कैंटीन के लिए जमीन में आ रही मुश्किलों को हल करें, ताकि कैंटीन और ईसीएचएस के भवन का निर्माण कार्य जल्द शुरू हो सके। बैठक में 23 मार्च को देहरा में शहीद भगत सिंह का शहीदी दिवस मनाने का प्रस्ताव पारित किया गया। साथ ही पूर्व सैनिकों और वीर नारियों को भी सम्मानित किया जाएगा। इसके अलावा कैंटीन और ईसीएचएस भवन के निर्माण को लेकर एक ज्ञापन मुख्यमंत्री को भेजने पर चर्चा होगी। इस मौके पर सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट कर्नल मनीष धीमान, रघुवीर सिंह, वीर सिंह, रिटायर्ड कैप्टन करतार सिंह, बहादुर सिंह, ओंकार सिंह, बंता सिंह, डीएस डढवाल, ध्रुव सिंह, जय गोपाल सिंह, विनोद मनकोटिया, उत्तम चंद, किशन चंद, सुखदेव सिंह, राकेश कुमार, शेर सिंह, कश्मीर सिंह, सत्यपाल सिंह, विशाल सिंह, सीताराम, सुभाष चंद्र, रविंद्र सिंह, अमर सिंह, वकील सिंह आदि उपस्थित रहे।