रेहड़ी-फड़ी संचालकों ने दी आत्मदाह की चेतावनी
अतिक्रमण हटाने के बाद उठाई पुनर्वासित करने की मांग
कहा-आज शाम तक कार्रवाई नहीं हुई तो होगा आंदोलन
अमर उजाला ब्यूरो
नगरोटा बगवां (कांगड़ा)। नगरोटा बगवां में अतिक्रमण हटाने की प्रशासन की करवाई से प्रभावित रेहड़ी-फड़ी संचालकों ने प्रशासन और नगर परिषद के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सब्जी विक्रेताओं ने प्रशासन से उचित स्थान उपलब्ध करवाकर उन्हें पुनर्वासित करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने चेतावनी भी दी है कि यदि उन्हें 15 मार्च तक उनकी मांग पर कोई उचित कदम नहीं उठाया तो वे मजबूरन आत्मदाह जैसा कदम भी उठा सकते हैं। इस मामले में एक संयुक्त हस्ताक्षरित ज्ञापन सौंप कर प्रभावितों ने एसडीएम से इंसाफ की गुहार लगाई है। अजित कुमार, संदीप कुमार, राकेश कुमार, रामलाल, गुलशन कुमार, हरीश, रमेश, कुलदीप कुमार, राजेश, विजय, अमित, हरभजन, पंकेश, ललित, पवना देवी, पुष्पा देवी आदि ने कहा कि उन्हें करवाई के दौरान अपना सामान उठाने का समय नहीं दिया गया और सब्जी मंडी से उधार में ली गई उनकी सब्जियां न बिक पाने से उन्हें हजारों रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है। उन्होंने कहा कि वे रोजाना सब्जी बेचकर अपने परिवार का पालन पोषण करते हैं लिहाजा इस विस्थापन से उनके समक्ष रोजी रोटी के लाले पड़ गए हैं। उन्होंने प्रशासन से उनके नुकसान की भरपाई करने की भी मांग की है। वहीं, नगर परिषद पार्षद कांता मेहरा और मधु शर्मा ने भी प्रशासन से विक्रेताओं को उचित स्थान की व्यवस्था करके इनकी रोजी रोटी का प्रबंध करने का आग्रह किया है। नगर परिषद नगरोटा बगवां के कार्यकारी अधिकारी चमन लाल कपूर ने कहा कि यदि किसी को समस्या है तो वह नप में अपना पक्ष रख सकता है। हाईकोर्ट के आदेशों से अतिक्रमण हटाने का यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।