धर्मशाला। जिला और सत्र न्यायाधीश अनिल शर्मा की अदालत से नाबालिग से दुष्कर्म करने के आरोपी को दोष सिद्ध होने पर 10 साल साधारण कैद और पांच हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। वहीं, जुर्माना न भरने की सूरत में दो साल की अतिरिक्त जेल भुगतनी होगी।
मामले की पैरवी कर रही जिला न्यायवादी राजरानी ने बताया कि वर्ष 2020 को पुलिस स्टेशन खुंडियां में नाबालिग के पिता ने शिकायत दर्ज करवाई थी कि दिसंबर, 2020 को सायं करीब सात बजे रात को पीड़िता घर से बिना बताए चली गई थी और रात करीब साढ़े नौ बजे वापस घर आई तो डरी हुई थी और रो रही थी। जब अगली सुबह पीड़िता की मां ने उससे प्यार से पूछा तो पीड़िता ने बताया कि उसे रात सात बजे उसे उसकी गांव में ही रहने वाली सहेली ने फोन करके एक जगह बुलाया था, जो कि उसके घर से करीब 100 मीटर दूरी पर था। जब वह वहां पहुंची तो वहां पर उसकी सहेली की बजाय दो लड़के थे। इनमें से एक विशाल, जो कि उसके ही गांव का था, जबकि दूसरा उसका करीबी रिश्तेदार विनोद था।
विनोद ने उसके साथ दुष्कर्म किया। इस दौरान जब पीड़िता ने अपने आप को छुड़ाने और चिल्लाने की कोशिश की तो आरोपी ने पीड़िता को थप्पड़ मार कर मुंह बंद कर दिया। वहीं, गलत काम करने के बाद आरोपी विनोद ने धमकी दी कि अगर उसने अपने परिजनों या किसी को बताया तो वह उसकी जिंदगी बर्बाद कर देगा। आरोपी विनोद कुमार अपराध करने के बाद अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार हो गया था। इसके बाद आरोपी विनोद कुमार को 10 दिसंबर, 2020 को धर्मशाला में गिरफ्तार किया। इस केस में 25 गवाहों को पेश किया गया। वहीं, अदालत ने आरोपी के खिलाफ दोष सिद्ध होने पर उसे यह सजा सुनाई गई है।