धर्मशाला (कांगड़ा)। जिला एवं सत्र न्यायाधीश कांगड़ा एसएल शर्मा ने जनजातीय समुदायों के अधिकारों से जुड़े कानूनी प्रावधानों को अधिक प्रभावी तरीके से लागू करने पर बल दिया है। उन्होंने कहा कि जनजातीय समुदाय के लोगों को उनके अधिकारों को लेकर शिक्षित करने के लिए चलाए गए विधिक साक्षरता अभियान को और सघनता से चलाने की आवश्यकता है। कार्यक्रम में एसडीएम धर्मशाला श्रवण मांटा ने अनुसूचित जनजाति और अन्य परंपरागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम 2006 के बारे में जानकारी दी। जिला विधिक सेवा प्राधिकारण की सचिव नेहा दहिया ने आदिवासियों के अधिकारों के संरक्षण और प्रवर्तन के लिए विधिक सेवाएं योजना पर प्रकाश डाला। डीएसपी सुरिंद्र शर्मा ने अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 के बारे में बताया।