धर्मशाला (कांगड़ा)। जिला मुख्यालय के साथ लगते कस्बा नरवाणा में शुक्रवार को पानी की समस्या से जूझ रही महिलाओं ने खाली बरतनों के साथ प्रदर्शन किया। इस दौरान नरवाणा के करीब एक दर्जन से अधिक ग्रामीणों ने सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग पर पानी देने में कोताही बरतने का भी आरोप लगाया। ग्रामीणों हंस राज, ओंकार सिंह, भूपिंद्र सिंह, जोगिंद्र, नेकराम, हरि राम, रेशमो देवी और सुलोचना सहित दर्जनों ग्रामीणों ने विभाग के प्रति रोष व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी पंचायत में चार वाटर टैंक बनाए गए हैं, लेकिन किसी भी टैंक में पानी को स्टोर करके नहीं रखा जाता है। पिछले चार दिन से पेयजल की किल्लत से जूझ रहे ग्रामीणों ने कहा कि कई बार उन्होंने विभाग को पानी की समस्या से अवगत करवाया लेकिन, विभाग उन्हें पाइप टूटी होने का हवाला देकर टाल रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक उनके वार्ड में अभी तक न तो कोई हैंडपंप लगा और न ही कोई बावड़ी आदि उनके वार्ड में है। पानी की किल्लत से जूझ रहे ग्रामीणों ने विभाग को चेतावनी दी है कि अगर शीघ्र उनके वार्ड में पानी की समस्या को हल नहीं किया गया तो आंदोलन करने को मजबूर होंगे। इसकी जिम्मेदारी विभाग की होगी। आईपीएच धर्मशाला के एसडीओ संदीप चौधरी ने कहा कि भारी बारिश से इक्कू खड्ड पर पानी के सोर्स से पाइप बह गए हैं। विभाग दो दिन से इन पाइपों को दुरुस्त कर रहा है। अधिकतर पाइपों में रेत जम गई है, जिसे निकाला जा रहा है। शनिवार तक गांव में पानी की सप्लाई बहाल हो जाएगी।