कोई भी व्यक्ति चिट्टा समेत किसी भी नशे की अधिक मात्रा में डोज लेता है, तो इससे उसको तुरंत अस्पताल पहुंचाना जरूरी होता है। जब कोई व्यक्ति पहली बार चिट्टे जैसा नशा अधिक मात्रा में ले, तो व्यक्ति की मौत हो सकती है। नशे के शिकार युवाओं के परिजन नियमित रूप से डॉक्टर से जांच करवाएं। चिट्टे का नशा इंजेक्शन के जरिये लेने से मौत का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। लोग मिलकर प्रयास करें, तभी युवा इस दलदल से बाहर निकल सकते हैं- डॉ. रविंद्र शर्मा, एमएस सिविल अस्पताल रोहड़ू
पुलिस लगातार नशे को रोकने के प्रयास कर रही है। पुलिस के साथ नशे की रोकथाम के लिए आम लोगों की सहभागिता जरूरी है। नशे से दूर रहने के लिए युवाओं को खेलों में व्यस्त रखें। जांच में सामने आया कि अधिकांश बेरोजगार युवाओं का नशे की ओर अधिक रूझान हो रहा है। अभिभावक बच्चों को पढ़ाई के साथ खेलों और बाग-बगीचों में व्यस्त रखें। आसपास यदि कोई नशे का कारोबार कर रहा, तो पुलिस को तुरंत इसकी सूचना दें- प्रणव चौहान, डीएसपी रोहड़ू