हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में रविवार को दोपहर बाद बारिश के बाद धूप खिल गई। मौसम विभाग के अनुसार शिमला, सोलन, मंडी, कुल्लू और सिरमौर जिलों में कुछ स्थानों पर हल्की वर्षा की संभावना है। वहीं, किन्नौर, कांगड़ा, बिलासपुर और हमीरपुर जिलों में कुछ स्थानों पर हल्की वर्षा की संभावना है।
वहीं, शिमला सहित मंडी और डलहौजी में शनिवार को बारिश हुई। प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में मौसम साफ रहा। शनिवार को मंडी में 13, शिमला में 3, डलहौजी में 2 और धौलाकुआं में एक मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई। शिमला में दिनभर बादल छाए रहे। सुबह और दोपहर के समय हल्की बारिश हुई। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार 13 सितंबर तक मौसम मिलाजुला बना रहने के आसार हैं।
प्रदेश आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की प्रारंभिक डैमेज रिपोर्ट के अनुसार हिमाचल में मानसून सीजन में अभी तक 23 की मौत बादल फटने से, 26 की बाढ़ के बाद डूबने व बहने से, छह लोगों की मौत भूस्खलन, आठ की बाढ़ के कारण और एक की बिजली गिरने से हुई है। इसके अलावा 25 की मौत सर्पदंश, 15 की मौत बिजली के झटके और 38 की मौत गिरने से हुई है। 120 लोगों की जान बारिश के दौरान सड़क हादसों और 9 की जान अलग कारणों से गई है। प्रदेश में करीब 1265 करोड़ रुपये के नुकसान का आकलन किया गया है। प्रदेश में बादल फटने और बाढ़ के 51 हादसे हुए हैं। इसके अलावा बड़े भूस्खलन की 40 घटनाएं दर्ज की गई हैं। प्रदेश में भारी बारिश के कारण रिस्पा नाला, किन्नौर में बाढ़ आई। सरेही नाला, पलचान नाला, हकड़ी, रामपुर, समेज, सिंहगढ़, पाढर, मंडी और कुल्लू-मनाली-लेह राजमार्ग के पास बादल फटे हैं, जिससे अप्रत्याशित नुकसान हुआ है। प्रदेश में अब तक 1,265 करोड़ रुपये की अनुमानित को देखते हुए राज्य सरकार ने केंद्र से विशेष राहत पैकेज की मांग की है। प्रदेश सरकार ने अभी तक 10 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता लोगों तक पहुंचाई है।