राजधानी शिमला स्थित स्कूल शिक्षा निदेशालय में शनिवार को आयोजित कार्यशाला में सचिव शिक्षा राकेश कंवर ने स्कूल प्रिंसिपलों को सीबीएसई से संबद्धता लेने की औपचारिकताओं से अवगत कराया। उन्होंने प्रिंसिपलों को चेताया कि किसी भी प्रकार की देरी छात्रों के हित में नहीं होगी। शिक्षा विभाग की ओर से समय-समय पर तकनीकी मार्गदर्शन और सहायता भी प्रदान की जाएगी।
कार्यशाला के दौरान कई स्कूल प्रिंसिपलों ने संबद्धता से जुड़ी जटिलताओं को लेकर सवाल पूछे। विभागीय अधिकारियों ने मौके पर ही उनके समाधान किए। सचिव ने कहा कि सीबीएसई पाठ्यक्रम से विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी में लाभ होगा और गुणवत्तापरक शिक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि स्कूलों को पहले भवन, आधारभूत ढांचे, पुस्तकालय, प्रयोगशालाओं, खेल मैदान सहित सभी मानकों को पूरा करना होगा। शिक्षक-विद्यार्थी अनुपात, सुरक्षा मानक तथा गुणवत्तापरक शिक्षा की गारंटी भी अनिवार्य तौर पर देनी होगी। सचिव ने प्रिंसिपलों से कहा कि वे संबद्धता के नियमों को ध्यान से समझें और जल्द से जल्द आवश्यक दस्तावेज तैयार कर आवेदन प्रक्रिया शुरू करें।
शिक्षा निदेशक आशीष कोहली ने कहा कि चयनित स्कूलों को निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी, तभी शैक्षणिक सत्र 2025-26 से सीबीएसई पाठ्यक्रम वहां आरंभ हो पाएगा। कार्यशाला के दौरान शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि स्कूलों की ओर से ऑनलाइन आवेदन करने के बाद सीबीएसई टीमें निरीक्षण करने आएंगी। स्कूलों की ओर से दी गई जानकारियों को मौके पर आकर सीबीएसई के अधिकारी जांचेंगे। सभी स्कूल प्रिंसिपलों को सही जानकारी ही पोर्टल पर अपलोड करने के भी कार्यशाला में निर्देश दिए गए।